Edited By Ramanjot, Updated: 05 Jul, 2026 11:08 AM

नगर मजिस्ट्रेट हरिद्वार हर गिरि ने परीक्षा केंद्रों के आसपास 200 मीटर की परिधि में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू करने के आदेश जारी किए हैं। नगर मजिस्ट्रेट ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षा रविवार, पांच जुलाई...
हरिद्वार: उत्तराखंड लोक सेवा आयोग द्वारा रविवार को आयोजित उत्तराखंड विशेष अधीनस्थ शिक्षा (प्रवक्ता संवर्ग, समूह‘ग‘) सेवा परीक्षा-2025 को निष्पक्ष, नकलविहीन एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।
नगर मजिस्ट्रेट हरिद्वार हर गिरि ने परीक्षा केंद्रों के आसपास 200 मीटर की परिधि में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 लागू करने के आदेश जारी किए हैं। नगर मजिस्ट्रेट ने शनिवार को जानकारी देते हुए बताया कि परीक्षा रविवार, पांच जुलाई को दो पालियों में आयोजित होगी। पहली पाली सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक तथा दूसरी पाली दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक चलेगी। हरिद्वार नगर क्षेत्र के आठ परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। इनमें उत्तराखंड लोक सेवा आयोग का परीक्षा भवन (हॉल संख्या 1 से 5), पन्नालाल भल्ला म्यूनिसिपल इंटर कॉलेज मायापुर, एसवीएम इंटर कॉलेज मायापुर, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज ज्वालापुर, सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सेक्टर-2 बीएचईएल रानीपुर, ज्वालापुर इंटर कॉलेज, शिवडेल पब्लिक स्कूल सेक्टर-1 बीएचईएल तथा डॉ. हरिराम आर्य इंटर कॉलेज कनखल शामिल हैं।
प्रशासन के आदेशानुसार परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर दायरे में बिना पूर्व अनुमति पांच या उससे अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने, सभा, जुलूस, धरना-प्रदर्शन तथा शांति भंग करने वाली गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरणों के उपयोग पर भी रोक रहेगी। परीक्षा केंद्रों पर हथियार, विस्फोटक या ज्वलनशील पदार्थ ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। परीक्षार्थियों को परीक्षा कक्ष में मोबाइल फोन, पेजर, अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अथवा किसी प्रकार की पाठ्य सामग्री ले जाने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा अवधि के दौरान केवल ड्यूटी पर तैनात अधिकारी, कर्मचारी एवं पुलिस बल को ही परीक्षा केंद्र परिसर में प्रवेश की अनुमति रहेगी।
नगर मजिस्ट्रेट हर गिरि ने कहा कि परीक्षा की निष्पक्षता और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी