EWS परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी, सिर्फ 3 लाख रुपए में मिलेगा अपना घर; 1872 फ्लैट्स बनकर तैयार

Edited By Ramanjot, Updated: 26 Jun, 2026 12:56 PM

get your own home for just 3 lakh residential project comprising 1 872 flats i

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड सरकार और केंद्र सरकार के सहयोग से विकसित इस परियोजना में एक फ्लैट की कुल लागत छह लाख रुपए है। इसमें डेढ़ लाख रुपए केंद्र सरकार और डेढ़ लाख रुपए राज्य सरकार सब्सिडी के रूप में वहन करेगी।

रुद्रपुर/देहरादून: आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत रुद्रपुर के बागवाला में 1872 ईडब्ल्यूएस आवासों की बड़ी आवासीय परियोजना अंतिम चरण में पहुंच गई है। परियोजना के तहत पात्र लाभार्थियों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त फ्लैट मात्र तीन लाख रुपये में उपलब्ध कराए जाएंगे। 

एक फ्लैट की कुल लागत छह लाख रुपए
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उत्तराखंड सरकार और केंद्र सरकार के सहयोग से विकसित इस परियोजना में एक फ्लैट की कुल लागत छह लाख रुपए है। इसमें डेढ़ लाख रुपए केंद्र सरकार और डेढ़ लाख रुपए राज्य सरकार सब्सिडी के रूप में वहन करेगी। लाभार्थी को केवल तीन लाख रुपए का भुगतान करना होगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन और आवास सचिव एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार की निगरानी में तैयार की जा रही इस परियोजना में अब तक 832 फ्लैट पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जबकि 512 अन्य फ्लैटों में अंतिम चरण के कार्य चल रहा है। सरकार जल्द ही परियोजना का लोकार्पण कर लाभार्थियों को आवासों की चाबियां सौंपने की तैयारी कर रही है। 

आवासीय परिसर में बनाए गए 23 बहुमंजिला ब्लॉक
करीब छह हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित इस आवासीय परिसर में 23 बहुमंजिला ब्लॉक बनाए गए हैं। प्रत्येक फ्लैट में एक बेडरूम, ड्राइंग रूम, किचन, बाथरूम और बरामदा की सुविधा दी गई है। परिसर में चौड़ी सड़कें, पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, पार्क, बच्चों के खेल क्षेत्र और भूकंपरोधी निर्माण जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। परियोजना में पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। परिसर में वर्षा जल संचयन प्रणाली, सीवरेज नेटवर्क और अत्याधुनिक एसटीपी स्थापित किया गया है। वहीं सुरक्षा के लिए फायर फाइटिंग सिस्टम, आरसीसी बाउंड्री वॉल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। 

आवासों का आवंटन कंप्यूटर आधारित रैंडमाइजेशन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का प्रधानमंत्री आवास योजना के एमआईएस पोर्टल पर पंजीकरण होना आवश्यक है। साथ ही आवेदक की वार्षिक आय तीन लाख रुपए या उससे कम होनी चाहिए तथा उसके नाम कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि यह परियोजना हजारों परिवारों के अपने घर के सपने को साकार करेगी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। 

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