Edited By Ramanjot, Updated: 02 Jul, 2026 05:25 PM

चारधाम यात्रा की तर्ज पर संचालित हो रही आदि कैलाश-ओम पर्वत यात्रा का शुभारंभ इस वर्ष एक मई को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर कपाट खुलने के साथ हुआ था।
पिथौरागढ़: उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में मानसून के सक्रिय होने और लगातार हो रही तेज बारिश के मद्देनजर जिला प्रशासन ने एहतियातन आदि कैलाश एवं ओम पर्वत यात्रा को स्थगित कर दिया है। पिथौरागढ़ जिला प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार इनर लाइन परमिट (ILP) के निर्गमन को तत्काल प्रभाव से अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। स्पष्ट किया गया है कि यह निर्णय यात्रियों और वाहनों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
प्रशासन ने कहा गया है कि मौसम सामान्य होने और मार्गों की स्थिति की समीक्षा के बाद ही परमिट जारी करने पर निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन ने यात्रियों से सहयोग की अपील करते हुए असुविधा पर खेद भी व्यक्त किया है। बुधवार तक यात्रा के लिए 52,441 इनर लाइन परमिट जारी किए जा चुके हैं। यानी अभी तक 52441 श्रद्धालु आदि कैलाश के दर्शन कर चुके हैं। कल सबसे कम 103 परमिट जारी किए गए। इस वर्ष यात्रा ने नया रिकॉर्ड बनाया है। पिछले वर्ष पूरे यात्रा सत्र में 36,256 श्रद्धालुओं ने आदि कैलाश यात्रा की थी, जबकि इस बार यह आंकड़ा जुलाई की शुरुआत में ही उसे काफी पीछे छोड़ चुका है।
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उल्लेखनीय है कि चारधाम यात्रा की तर्ज पर संचालित हो रही आदि कैलाश-ओम पर्वत यात्रा का शुभारंभ इस वर्ष एक मई को बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर कपाट खुलने के साथ हुआ था। यात्रा के प्रति देशभर के श्रद्धालुओं, पर्यटकों, ट्रेकर्स और प्रकृति प्रेमियों में लगातार बढ़ता उत्साह देखने को मिला है। माना जा रहा है कि बेहतर सड़क संपर्क, आवासीय सुविधाओं का विस्तार, ऑनलाइन इनर लाइन परमिट व्यवस्था और जिला प्रशासन की सुव्यवस्थित तैयारियों के कारण यात्रा पहले की तुलना में अधिक सुगम हुई है। उन्होंने कहा कि यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आदि कैलाश दौरे, वर्ष 2024 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के जोलिंगकोंग योग कार्यक्रम तथा आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन जैसे आयोजनों से इस क्षेत्र को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है।