Edited By Ramanjot, Updated: 08 Jun, 2026 10:36 AM

इस अवसर पर जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का सर्वोच्च बलिदान सदैव याद रखा जाएगा।
अल्मोड़ा: जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सैन्य अभियान के दौरान शहीद हुए 05 असम रेजिमेंट के युवा अधिकारी लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी को रविवार को उनके गृह जनपद अल्मोड़ा में पूरे सैन्य एवं राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। शहीद के अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़े और नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहीद अधिकारी का पार्थिव शरीर सेना के हेलीकॉप्टर से अल्मोड़ा पहुंचाया गया। यहां प्रशासनिक अधिकारियों, सेना के जवानों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए। इसके बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए विश्वनाथ घाट ले जाया गया। विश्वनाथ घाट पर सैन्य परंपराओं के अनुरूप भारतीय सेना ने शस्त्र झुकाकर और गार्ड ऑफ ऑनर देकर अपने वीर अधिकारी को अंतिम सलामी दी। पूरे सैन्य सम्मान के साथ शहीद लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।

इस अवसर पर जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा के लिए लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी का सर्वोच्च बलिदान सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि शहीद का साहस, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति आने वाली पीढि़यों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। जिलाधिकारी ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र तथा सैन्य अधिकारियों ने भी शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और परिजनों को ढांढस बंधाया।

महज 25 वर्ष की आयु में मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले लेफ्टिनेंट बीरेश्वर गोस्वामी की शहादत को अल्मोड़ा ही नहीं पूरा देश लंबे समय तक याद रखेगा। उनका जीवन और बलिदान राष्ट्रसेवा, साहस और समर्पण का अमिट उदाहरण बन गया है।