मसूरी में पर्यावरण नियमों का उल्लंघन: 19 होटलों पर लगा जुर्माना, 30 को कारण बताओ नोटिस जारी

Edited By Ramanjot, Updated: 10 Jul, 2026 05:23 PM

environmental fines imposed on 19 hotels in mussoorie

एनजीटी मसूरी में पर्यावरण नियमों का पालन किए बिना संचालित होटलों और मुख्य रूप से होटलों द्वारा मसूरी झील से अनियंत्रित तरीके से पानी निकाले जाने के मामले की सुनवाई कर रहा है।

उत्तराखंड डेस्क: उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UKPCB) ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) को बताया है कि मसूरी में पर्यावरण नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में 19 होटलों पर पर्यावरण जुर्माना लगाया गया है, जबकि 30 अन्य होटलों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। 

एनजीटी मसूरी में पर्यावरण नियमों का पालन किए बिना संचालित होटलों और मुख्य रूप से होटलों द्वारा मसूरी झील से अनियंत्रित तरीके से पानी निकाले जाने के मामले की सुनवाई कर रहा है। पिछले साल दिसंबर में एनजीटी ने यूकेपीसीबी को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन करते हुए पर्यावरण क्षतिपूर्ति की गणना करने और उसे लगाने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया था। सात जुलाई के आदेश में एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने कहा कि यूकेपीसीबी की कार्रवाई रिपोर्ट के अनुसार नियम तोड़ने वाले 19 होटलों पर पर्यावरण जुर्माना लगाया गया है, जबकि 30 अन्य को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। 

पीठ ने कहा, "यूकेपीसीबी के वकील ने बताया कि बाकी 30 होटलों में से 12 पर बाद में पर्यावरण जुर्माना लगा दिया गया है। शेष 18 होटलों के मामलों की सुनवाई चार सप्ताह में पूरी कर जुर्माना लगाने का आदेश जारी किया जाएगा।" पीठ ने राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इन होटलों का संचालन केवल वैध अनुमति के अनुसार हो और सभी पर्यावरण नियमों का पालन किया जाए। अधिकरण ने कहा, "यूकेपीसीबी छह सप्ताह में नई रिपोर्ट दाखिल करे। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर को होगी।" 

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