Edited By Ramanjot, Updated: 19 Jul, 2026 12:23 PM

उधर, केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। चीरबासा के पास पहाड़ी से लगातार मलबा और बोल्डर गिरने के चलते गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चर संचालन बीते ही शुक्रवार सुबह से बंद कर दिया गया,
उत्तरकाशी/रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश से चारधाम यात्रा प्रभावित होने लगी है। रविवार को सुबह से मूसलाधार बारिश के चलते यमुना घाटी में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई स्थानों पर भूस्खलन होने से सड़क पर मलबा और बोल्डर आ गए हैं, जिससे यातायात बाधित हो गया है।
स्यानाचट्टी और हनुमान चट्टी के बीच सड़क का हिस्सा कटाव की चपेट में आने से स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के अधिशासी अभियंता मनोज रावत ने बताया कि मार्ग से मलबा हटाने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। मशीनें मौके पर तैनात हैं और मौसम अनुकूल रहा तो दोपहर तक मार्ग को यातायात के लिए खोलने का प्रयास किया जाएगा।
केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भूस्खलन का खतरा बढ़ा
उधर, केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। चीरबासा के पास पहाड़ी से लगातार मलबा और बोल्डर गिरने के चलते गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चर संचालन बीते ही शुक्रवार सुबह से बंद कर दिया गया, जो शनिवार शाम तक भी बहाल नहीं हो सका। रविवार को भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। हालांकि पैदल यात्रा पूरी तरह बंद नहीं की गई है, लेकिन श्रद्धालु अत्यधिक सावधानी बरतते हुए संकरे मार्ग से एक-दूसरे का सहारा लेकर आवाजाही कर रहे हैं।
प्रशासन ने यात्रियों से की ये अपील
प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। राज्य के अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में भी कई संपर्क मार्ग भूस्खलन और मलबा आने से प्रभावित हुए हैं। संबंधित विभागों की टीमें लगातार मार्गों को सुचारू करने में जुटी हुई हैं, जबकि प्रशासन ने यात्रियों और स्थानीय लोगों से मौसम को देखते हुए अनावश्यक यात्रा से बचने तथा प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।