Edited By Pooja Gill, Updated: 14 Apr, 2026 01:27 PM

Uttarkashi: उत्तरकाशी में एक बड़ी आपदा का खतरा मंडरा रहा है। पिछले अगस्त में आई आपदा के दौरान हर्षिल के पास भागीरथी नदी में बनी झील का जलस्तर नौ महीने बाद भी कम नहीं...
Uttarkashi: उत्तरकाशी में एक बड़ी आपदा का खतरा मंडरा रहा है। पिछले अगस्त में आई आपदा के दौरान हर्षिल के पास भागीरथी नदी में बनी झील का जलस्तर नौ महीने बाद भी कम नहीं हुआ है। सिंचाई विभाग ने नदी को चैनलाइज करने का काम तो किया, लेकिन सही योजना के अभाव में पानी की निकासी ठीक से नहीं हो पाई। नतीजतन, मुहाने से पानी वापस झील में ही लौट रहा है।
'पानी बाहर निकालने की व्यवस्था नहीं'
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समय पानी कम होने के बावजूद झील करीब एक किलोमीटर तक फैली हुई है। पूर्व प्रधान बसंती नेगी, शीशपाल सिंह और गोविंद सचिन राणा के अनुसार, विभाग ने नदी के दोनों किनारों पर मलबे के बड़े ढेर लगा दिए हैं, लेकिन पानी बाहर निकालने की व्यवस्था नहीं की गई। इससे पानी मलबे से टकराकर फिर झील में वापस जा रहा है।
बरसात में बढ़ सकता है खतरा
ग्रामीणों ने यह भी चिंता जताई है कि बरसात के मौसम में तेलगाड़ नदी के उफान पर आने से यह मलबा और नदी का बहाव तेज हो सकता है, जिससे हर्षिल कस्बे पर खतरा बढ़ जाएगा। उनका कहना है कि सुरक्षा के नाम पर केवल कुछ वायरक्रेट लगाए गए हैं, जो पर्याप्त नहीं हैं।
वहीं, सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सचिन सिंघल का कहना है कि झील का पानी निकालने के लिए नदी को चैनलाइज किया गया है और अन्य जरूरी सुरक्षा कार्य भी किए जा रहे हैं।