मुख्यमंत्री धामी ने बुलाई High Level मीटिंग, वरिष्ठ अधिकारियों को दिए ये निर्देश

Edited By Vandana Khosla, Updated: 24 Nov, 2025 09:30 AM

chief minister dhami called a high level meeting and gave

देहरादूनः उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को अपने आवास पर हाई लेवल मीटिंग बुलाई। बैठक में सीएम धामी ने वरिष्ठ  अधिकारियों को निर्देश दिए। कहा कि वे फाइलों के निपटारे में देरी न करें और लक्ष्य निर्धारित करके शीघ्र निर्णय लें।...

देहरादूनः उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को अपने आवास पर हाई लेवल मीटिंग बुलाई। बैठक में सीएम धामी ने वरिष्ठ  अधिकारियों को निर्देश दिए। कहा कि वे फाइलों के निपटारे में देरी न करें और लक्ष्य निर्धारित करके शीघ्र निर्णय लें। योजनाओं का प्रभाव जमीनी स्तर पर दिखाई दे। हर प्रक्रिया में जवाबदेही स्पष्ट हो।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भारतीय प्रशासनिक सेवा(आईएएस) अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रशासन को तेजी और पारदर्शिता के साथ काम करना होगा। हर योजना और निर्णय लक्ष्य आधारित और जन केंद्रित होना चाहिए। व्यवस्था ऐसी बने कि फाइलों का निपटारा समय पर हो।  उन्होंने अधिकारियों को उनकी मूल भावना का स्मरण कराते हुए कहा कि उन्होंने यह सेवा धन, पद या सुरक्षा के लिए नहीं चुनी होगी, बल्कि राष्ट्र और समाज के लिए कुछ करने की भावना से चुनी होगी। आपके निर्णय सीधे लाखों लोगों को प्रभावित करते हैं। इसलिए संवेदनशीलता, दूरद्दष्टि और तथ्यपरक सोच अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी-कभी जनता की शिकायतें प्रशासन की छवि को खराब करती हैं। लालफीताशाही, शिकायत न सुने जाने और फाइलों में अनावश्यक देरी जैसी बातें व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जनता के विश्वास को सर्वोपरि रखना चाहिए। इससे पहले श्री धामी ने बैठक में अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह किसी औपचारिक संबोधन का अवसर नहीं है, बल्कि उनकी प्रशासन के लिए संवेदनशील और आत्मीय भावनाओं को साझा करने का अवसर है।

सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड ने अपनी 25 वर्ष की यात्रा में अनेक चुनौतियों का सामना किया है और इन उपलब्धियों के पीछे राज्य के प्रशासनिक तंत्र की कड़ी मेहनत, निष्ठा और दूरदर्शिता का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा, 'आप सभी ने कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता और संवेदनशील प्रशासन का परिचय दिया है। इसके लिए मैं आप सभी को हृदय से साधुवाद देता हूं।' उन्होंने कहा कि यह समय अधिक गति, अधिक द्दढ़ता और अधिक संकल्प के साथ काम करने का है।

मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शब्द, ‘ये दशक उत्तराखंड का दशक है'का उल्लेख करते हुए कहा कि इस संकल्प को साकार करना उत्तराखंड के प्रशासन का दायित्व है। उन्होंने कहा कि आने वाले पांच वर्ष उत्तराखंड के लिए निर्णायक होंगे और हमें राज्य को ऐसे मोड़ पर लेकर जाना है, जहां हर नागरिक यह महसूस करे कि राज्य निर्णायक और सकारात्मक परिवर्तन से गुजर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासनिक इतिहास में सर्वश्री सूर्य प्रताप सिंह, टीएन शेषन, नृपेंद्र मिश्र जैसे अनेक अधिकारी ऐसे रहे हैं, जिन्होंने अपनी ईमानदारी, संकल्प और जनसेवा के माध्यम से समाज में स्थायी छाप छोड़ी।

उन्होंने कहा कि पद की प्रतिष्ठा आपके कार्यकाल तक है, लेकिन आपके कार्यों का सम्मान आजीवन रहता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपने पद को केवल नौकरी नहीं, बल्कि समाज सेवा का पवित्र अवसर समझें। उन्होंने कहा कि आज के‘नए भारत में उदासीन कार्यशैली बर्दाश्त नहीं की जाती। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी कार्य अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए। निर्णय तेजी और सूझबूझ से लिए जाएं। सभी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पारदर्शिता और समयबद्धता से पहुंचे।

कहा कि अधिकारियों को अपने क्षेत्रों में मासिक समीक्षा, निरंतर मॉनिटरिंग, और साइट निरीक्षण को सुनिश्चित करना चाहिए। श्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार‘विकल्प रहित संकल्प के मंत्र के साथ उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लिए कार्यरत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आईएएस अधिकारी अपनी निष्ठा, मेहनत और संकल्प के साथ इस लक्ष्य को प्राप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाते रहेंगे।

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