शक्तिवर्धक दवा के झांसे में फंसा युवक, ब्लैकमेलिंग और साइबर ठगी से मौत तक पहुंचा मामला, ऐसे हुआ खुलासा

Edited By Ramanjot, Updated: 02 Jun, 2026 12:11 PM

youth falls prey to scam involving potency enhancing drugs 2 arrested

गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कई आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल फोन, कथित दवाएं, वाहन और अश्लील तस्वीरों से संबंधित सामग्री बरामद की गई है।

Uttarakhand News: उत्तराखंड के चंपावत में ऑनलाइन ठगी और साइबर ब्लैकमेलिंग के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने ऐसे गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया, जिन्होंने एक युवक को शक्ति वर्धक दवाओं का लालच देकर अपने जाल में फंसाया, उससे लाखों रुपए की ठगी की और कथित रूप से मानसिक प्रताड़ना देकर आत्महत्या जैसे कठोर कदम उठाने के लिए उकसाया। 

ब्लैकमेल कर 1.87 लाख रुपए ठगे
पुलिस ने बताया कि दोनों ठगों के नाम महेन्द्र सिंह चितौडिया पुत्र गोपाल मोंगिया और शिवा सिंह चितौडिया पुत्र महेन्द्र सिंह चितौडिया है। दोनों मध्य प्रदेश के शिवपुर जिले के धर्मपुरा और बेन्हाता के रहने वाले हैं। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब बनबसा निवासी दुर्जन लाल ने पुलिस को तहरीर देकर बताया कि साइबर अपराधियों ने उनके पुत्र को ऑनलाइन माध्यम से शक्ति वर्धक दवाओं का प्रलोभन दिया। इसके बाद आरोपियों ने युवक की निजी और आपत्तिजनक सामग्री हासिल कर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। लगातार दबाव और धमकियों के बीच उससे विभिन्न माध्यमों से 1.87 लाख रुपए भी ठग लिए गए। 

थाना बनबसा में मामला दर्ज
पीड़ित परिवार के अनुसार, ब्लैकमेलिंग और मानसिक उत्पीड़न से परेशान होकर युवक ने आत्मघाती कदम उठा लिया। शिकायत के आधार पर थाना बनबसा में मामला दर्ज किया गया। पुलिस अधीक्षक रेखा यादव के निर्देश पर मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच शुरू की गई। क्षेत्राधिकारी टनकपुर निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण और थानाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कोरंगा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से जांच आगे बढ़ाई। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी साइबर ब्लैकमेलिंग और ठगी के नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। मामले में एक अन्य आरोपी अनिल मोगिया की तलाश जारी है। 

आरोपियों से अश्लील सामग्री बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कई आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मोबाइल फोन, कथित दवाएं, वाहन और अश्लील तस्वीरों से संबंधित सामग्री बरामद की गई है। पुलिस ने मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने, धोखाधड़ी और आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराएं भी बढ़ा दी हैं। चंपावत पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया या इंटरनेट पर किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ निजी फोटो, वीडियो या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग, साइबर ठगी या संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें। 

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