Edited By Ramanjot, Updated: 29 May, 2026 04:44 PM

सीसी सड़क निर्माण में गुणवत्ता संबंधी खामियां पाई गईं, जबकि सड़क किनारे नालियों के निर्माण में भी तकनीकी त्रुटियां मिलीं।
Uttarakhand News: उत्तराखंड में हरिद्वार के विकासखंड लक्सर स्थित ग्राम पंचायत अकोढ़ा खुर्द में विकास कार्यों में गंभीर वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताएं पाए जाने पर शुक्रवार को जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने कड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम प्रधान बसंती देवी को पद से हटाने के आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही मामले में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे विकास कार्य
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत की कश्यप बस्ती में सीसी सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायत मिलने पर प्रशासन ने जांच कराई थी। सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी की रिपोर्ट के आधार पर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को जांच अधिकारी नामित किया गया। जांच के दौरान ग्राम पंचायत के अभिलेखों, वित्तीय लेन-देन, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता तथा विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की विस्तृत समीक्षा की गई। जांच में सामने आया कि ग्राम पंचायत में कराए गए कई विकास कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे।
नालियों के निर्माण में मिलीं तकनीकी त्रुटियां
सीसी सड़क निर्माण में गुणवत्ता संबंधी खामियां पाई गईं, जबकि सड़क किनारे नालियों के निर्माण में भी तकनीकी त्रुटियां मिलीं। कई मामलों में एक ही सड़क को अलग-अलग कार्य दर्शाकर भुगतान किए जाने की अनियमितता भी उजागर हुई। जांच दल ने पाया कि ग्राम पंचायत के महत्वपूर्ण अभिलेख समय पर प्रस्तुत नहीं किए गए। बैंक पासबुक, कैशबुक, स्टॉक रजिस्टर, कार्य पंजिका तथा वित्तीय वर्ष 2022-23 एवं 2023-24 के कई आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके अलावा ई-ग्राम स्वराज पोटर्ल पर दर्ज सूचनाओं और धरातल पर हुए कार्यों में भी भारी अंतर पाया गया।
ग्राम प्रधान बसंती देवी को पद से हटाने के आदेश
रिपोर्ट के अनुसार कुछ निर्माण कार्य निजी व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किए गए थे। कई सड़कों का निर्माण निजी भूमि अथवा व्यक्तिगत पहुंच मार्ग के रूप में कराया गया, जो पंचायत नियमों के विपरीत माना गया। जांच में ग्राम प्रधान बसंती देवी को प्रथम द्दष्टया दोषी पाया गया। उनके द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण को असंतोषजनक मानते हुए जिलाधिकारी ने उत्तराखंड पंचायतीराज अधिनियम-2016 की धारा 138(1) के तहत उन्हें पद से हटाने के आदेश जारी कर दिए। वहीं ग्राम पंचायत विकास अधिकारी शंकरदीप की भूमिका अभिलेखों के रखरखाव और प्रस्तुतिकरण में लापरवाहीपूर्ण पाई गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित धनराशि की वसूली की जाएगी तथा मामले में संलिप्त अन्य अधिकारियों