Edited By Vandana Khosla, Updated: 07 Feb, 2026 11:51 AM

देहरादूनः उत्तराखंड में सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बावजूद 1000 से अधिक लोगों द्वारा समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ लेने का मामला सामने आया है। जिसके बाद उनकी पेंशन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह...
देहरादूनः उत्तराखंड में सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने के बावजूद 1000 से अधिक लोगों द्वारा समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं का लाभ लेने का मामला सामने आया है। जिसके बाद उनकी पेंशन पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) द्वारा हाल में सरकारी पेंशन के संबंध में किए गए डाटा विश्लेषण में यह कथित फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। बताया कि सभी जिलों को अपात्र व्यक्तियों की सूची भेजकर उनसे जांच करने को कहा गया है। विभिन्न सरकारी विभागों से सेवानिवृत्त हो चुके ये कर्मचारी अपने विभाग के साथ ही समाज कल्याण विभाग द्वारा दी जाने वाली वृद्धा पेंशन, स्वतंत्रता सेनानी पेंशन या राज्य आंदोलनकारी जैसी पेंशन योजनाओं का लाभ भी ले रहे हैं।
जांच पूरी होने के बाद फर्जीवाड़े में संलिप्त पेंशनभोगियों के खिलाफ वसूली सहित अन्य कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस संबंध में कहा कि प्रदेश में कोई भी विभाग या अधिकारी हो, कर्तव्यों में ढिलाई बरतने या भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। धामी ने कहा कि उनकी सरकार की प्रतिबद्धता देवभूमि उत्तराखंड के नाम के अनुरूप पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ने की है।