Edited By Vandana Khosla, Updated: 16 Jan, 2026 02:11 PM

देहरादूनः राजधानी देहरादून की एक अदालत ने एक पूर्व वायुसेना कर्मी को अपनी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए उसे 20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है । विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अर्चना सागर ने दोषी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है...
देहरादूनः राजधानी देहरादून की एक अदालत ने एक पूर्व वायुसेना कर्मी को अपनी नाबालिग बेटी के साथ दुष्कर्म का दोषी ठहराते हुए उसे 20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई है । विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) अर्चना सागर ने दोषी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है तथा पीड़िता को तीन लाख रुपये मुआवजे के तौर पर देने का आदेश दिया है ।
अदालत ने बुधवार को सुनाए गए अपने फैसले में सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि जिस पिता की जिम्मेदारी बेटी की रक्षा करनी थी, उसी ने उसके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को तहस—नहस कर दिया और ऐसे अपराधी के प्रति कोई नरमी नहीं बरती जा सकती । पीड़िता ने अदालत को बताया कि उसके पिता ने उसका यौन शोषण बचपन में ही करना शुरू कर दिया था। जब वह महज पांच—छह साल की थी । पिता उसे यह कहकर गुमराह करता था कि हर पिता अपनी बेटी को ऐसे ही प्यार करता है ।
आरोप है कि पिता ने उसे इसके बारे में किसी को न बताने की धमकी भी दी थी । हालांकि, सालों तक पिता के अत्याचारों को सहने के बाद नवंबर 2023 में 17 वर्षीय पीड़िता ने हिम्मत करके इसके बारे में अपनी मां को बताया। जिसने उसी दिन पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई । बाद में आरोपी को गिरफ्तार किया गया ।