Edited By Ramanjot, Updated: 09 May, 2026 10:46 AM

पुलिस ने बताया कि सल्ली गांव के रहने वाले रावत तथा कनलगांव की निवासी अर्जिता राय के अलावा उनके एक अन्य साथी आनंद सिंह महरा के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।
Uttarakhand News: उत्तराखंड के चंपावत में एक सुनियोजित साजिश के तहत नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म होने की झूठी कहानी रचने वाले मुख्य षड्यंत्रकर्ता कमल रावत सहित दो व्यक्तियों को शुक्रवार को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने यह जानकारी दी।
पुलिस ने बताया कि सल्ली गांव के रहने वाले रावत तथा कनलगांव की निवासी अर्जिता राय के अलावा उनके एक अन्य साथी आनंद सिंह महरा के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों के विरूद्ध नाबालिग लड़की को बंधक बनाकर उसका वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करने तथा सुनियोजित षड्यंत्र के तहत निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने के प्रयास के आरोप में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं तथा यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों कमल सिंह रावत एवं अर्जिता राय को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक बाद में आरोपियों को अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। छह मई को एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी थी कि पांच मई की रात उसकी 16 वर्षीय पुत्री के साथ सल्ली गांव में तीन लोगों ने कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म किया। शिकायत के आधार पर तीन लोगों पूरन सिंह रावत, नवीन सिंह रावत तथा विनोद रावत के विरूद्ध पॉक्सो अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चंपावत की पुलिस अधीक्षक (एसपी) रेखा यादव ने चंपावत क्षेत्राधिकारी के पर्यवेक्षण में 10 सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया। पुलिस ने लड़की की मेडिकल जांच कराने के अलावा उसके बयान भी दर्ज कराए। इस बीच, एसआईटी द्वारा एकत्रित किए गए साक्ष्यों तथा पीड़िता एवं अन्य लोगों द्वारा बताई गयी कहानी में विरोधाभास मिला। इसके अलावा, पुलिस के मुताबिक, रावत, पीड़िता एवं राय के बीच घटना वाले दिन लगातार बातचीत होने के प्रमाण मिलने पर घटना पर संदेह पैदा हुआ। जांच में घटना में नामजद व्यक्तियों की भी घटनास्थल या उसके आसपास मौजूदगी नहीं पाई गई जबकि मेडिकल रिपोर्ट में भी पीड़िता के शरीर पर किसी बाहरी या आंतरिक चोट के निशान नहीं पाए गए।
पीड़िता ने भी अदालत के समक्ष अपने साथ किसी प्रकार की घटना से इंकार करते हुए पूरे घटनाक्रम को मनगढ़ंत एवं साजिश बताया। पुलिस के मुताबिक, कमल रावत, दुष्कर्म की झूठी कहानी में नामजद किए गए आरोपियों से पूर्व में हुई किसी घटना के संबंध में बदला लेना चाहता था और इसके लिए उसने नाबालिग लड़की को उसके बीमार पिता के इलाज कराने का प्रलोभन देकर साजिश में इस्तेमाल किया। पुलिस ने बताया कि रावत पहले भी कई आपराधिक मामलों में संलिप्त रहा है। उसके खिलाफ पहले से मारपीट, गाली-गलौज, यौन उत्पीड़न, अपहरण और धमकी देने तथा सूचना प्रोद्यौगिकी अधिनियम की धारा 66 (सी) के तहत चार मामले दर्ज हैं।