Edited By Ramanjot, Updated: 05 May, 2026 04:10 PM

खुद को राहुल गांधी का करीबी सहयोगी बताकर कांग्रेस नेताओं से ठगी करने वाले आरोपी को देहरादून में गिरफ्तार किया गया। उसने फर्जी पहचान बनाकर पद और टिकट दिलाने के नाम पर कई नेताओं से लाखों-करोड़ों रुपए ऐंठे।
देहरादून: कांग्रेस नेता राहुल गांधी का करीबी सहयोगी बताकर पार्टी नेताओं से कथित रूप से करोड़ों रुपए की ठगी करने वाले एक व्यक्ति को यहां गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि कांग्रेस की उत्तराखंड इकाई की नेता भावना पांडे की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए खुद को कनिष्क सिंह बताने वाले पंजाब के अमृतसर निवासी गौरव कुमार को यहां जाखन क्षेत्र से सोमवार को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुमार ने अपने साथियों के साथ मिलकर उत्तराखंड में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं सहित अन्य राज्यों के बड़े पार्टी नेताओं को भी पार्टी में महत्वपूर्ण पद दिलाने या विधायक का टिकट दिलाने का झांसा देकर करोड़ों रुपए ठगे। बताया जा रहा है कि यह ठग काफी दिनों से नेताओं से ठगी कर रहा था, लेकिन बात खुलने के डर और शर्मिंदगी के कारण उन्होंने पुलिस में शिकायत नहीं की। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, पांडे ने तीन मई को यहां राजपुर पुलिस थाने में तहरीर देकर बताया कि पिछले माह कनिष्क सिंह नाम के व्यक्ति ने खुद को गांधी का निजी सचिव बताते हुए उनसे उत्तराखंड में सर्वेक्षण व पार्टी में महत्वपूर्ण पद दिलाने के एवज में 25 लाख रुपए मांगे। तहरीर के मुताबिक, उस व्यक्ति ने बाद में अपने एक साथी को पांडे के जाखन स्थित आवास भेजा, जहां उसे यह राशि दे दी गई।
तहरीर के मुताबिक, पैसे लेने के बाद उस व्यक्ति ने पांडे का फोन उठाना बंद कर दिया, जिसके बाद शक होने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत की। तहरीर के आधार पर तत्काल भारतीय न्याय संहिता की धारा 318 (4) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गयी । पुलिस के अनुसार, मोबाइल निगरानी, सीसीटीवी कैमरे व मुखबिर तंत्र के माध्यम से जानकारी मिली कि पांडे से ठगी करने वाला मुख्य आरोपी पार्टी के एक पदाधिकारी को टिकट दिलवाने के नाम पर उससे जाखन क्षेत्र में स्थित पैसेफिक मॉल में पैसे लेने आने वाला है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने कनिष्क उर्फ गौरव कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने अपने असली नाम का खुलासा करते हुए बताया कि उसने गूगल के माध्यम से गांधी के करीबी रहे कनिष्क सिंह के बारे में जानकारियां जुटाईं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बताया कि इसके बाद उसने 'ट्रू-कॉलर' ऐप पर कनिष्क सिंह के नाम से एक फर्जी आईडी बनाई और उसके बाद नेता डॉट काम वेबसाइट पर जाकर कांग्रेस से जुडे पूरे देश के वरिष्ठ नेताओं के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। पुलिस ने बताया कि इसके बाद उसने पंजाब के ही रहने वाले अपने तीन अन्य साथियों छज्जू, रजत मदान व मनिंदर सिंह कालू के साथ मिलकर कई नेताओं से ठगी की।
पुलिस ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि आरोपी ने राजस्थान के जयपुर में दो नेताओं को विधायक का टिकट दिलवाने के एवज में उनसे अलग-अलग एक करोड़ 90 लाख तथा 12 लाख रुपए लिए। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने 2025 में बिहार के पटना में एक नेता को पार्टी में महत्वपूर्ण पद दिलाने के लिए तीन लाख रुपये लिए। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने यह भी बताया कि उन लोगों ने कई अन्य राज्यों में भी इसी प्रकार की ठगी की। पुलिस ने बताया कि इन घटनाओं के संबंध में जानकारी इकट्ठा की जा रही है।