Edited By Vandana Khosla, Updated: 23 Jan, 2026 02:00 PM

हरिद्वारः उत्तराखंड के हरिद्वार में ऋतुराज बसंत के आगमन और विद्या की देवी मां सरस्वती के प्राकट्य उत्सव बसंत पंचमी के अवसर पर शुक्रवार को भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा है। कड़ाके की ठंड के बावजूद तड़के तीन बजे से ही हर की पौड़ी, मालवीय द्वीप और सुभाष घाट पर...
हरिद्वारः उत्तराखंड के हरिद्वार में ऋतुराज बसंत के आगमन और विद्या की देवी मां सरस्वती के प्राकट्य उत्सव बसंत पंचमी के अवसर पर शुक्रवार को भक्ति का सैलाब उमड़ पड़ा है। कड़ाके की ठंड के बावजूद तड़के तीन बजे से ही हर की पौड़ी, मालवीय द्वीप और सुभाष घाट पर श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगना शुरू हो गया था। ‘हर-हर गंगे' और ‘जय मां सरस्वती' के उद्घोषों के बीच लाखों भक्तों ने गंगा की शीतल धारा में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
आज के दिन पीले रंग का विशेष महत्व होने के कारण घाटों का नजारा बेहद मनमोहक रहा। अधिकांश श्रद्धालु पीले वस्त्रों में नजर आए और गंगा पूजन के बाद मां सरस्वती की वंदना की गई। विद्वानों के अनुसार गंगा स्नान और दान-पुण्य करने से बुद्धि और ज्ञान में वृद्धि होती है, इसी मान्यता के चलते बड़ी संख्या में छात्र और युवा भी घाटों पर पहुंचे। भीड़ के दबाव को देखते हुए जिला प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र को विभिन्न जोन और सेक्टरों में विभाजित किया है। हर की पैड़ी जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई है ताकि भगदड़ जैसी स्थिति न बने।
वहीं, यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए पुलिस ने रूट डायवर्जन प्लान लागू किया है, जिससे दिल्ली और देहरादून से आने वाले वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही रोका जा रहा है। वहीं, जल पुलिस के जवान नावों के जरिए गहरे पानी में जाने वाले श्रद्धालुओं पर नजर बनाए हुए हैं। स्नान के साथ-साथ आज हरिद्वार के विभिन्न मठ-मंदिरों और आश्रमों में विशेष हवन-पूजन किए जा रहे हैं।
शांतिकुंज और गायत्री तीर्थ में भी बसंत पर्व को लेकर विशेष आध्यात्मिक उत्सव मनाया जा रहा है, जहां हजारों की संख्या में परिजन जुटे हैं। विद्वानों के अनुसार पूरा दिन स्नान के लिए शुभ है, जिसके चलते शाम की गंगा आरती तक भारी भीड़ रहने की संभावना है।