देहरादून: सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान पहुंचाने वालों पर ED की सर्जिकल स्ट्राइक, PMLA के तहत बड़ी कुर्की

Edited By Ramanjot, Updated: 18 Feb, 2026 09:25 PM

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वर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने दो अलग-अलग मामलों में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं।

देहरादून: प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) ने दो अलग-अलग मामलों में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं। एक मामला उत्तराखंड के चर्चित NH-74 भूमि अधिग्रहण प्रकरण से जुड़ा है, जबकि दूसरा ऑनलाइन गेमिंग कंपनी Winzo से संबंधित है।

NH-74 मामला: 13.89 करोड़ की संपत्ति अटैच

देहरादून स्थित ED के सब-जोनल कार्यालय ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत लगभग 13.89 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क की हैं।

जांच उधम सिंह नगर जिले के पंतनगर थाने में दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है। आरोप है कि कुछ व्यक्तियों ने राजस्व अधिकारियों और बिचौलियों के साथ मिलकर पुराने आदेशों को कथित तौर पर बैकडेट में पारित कराया। इससे कृषि भूमि को गैर-कृषि श्रेणी में बदलकर राष्ट्रीय राजमार्ग-74 के चौड़ीकरण के दौरान अधिक मुआवजा हासिल किया गया।

ED के अनुसार, आरोपियों ने कथित रूप से करोड़ों रुपये अतिरिक्त मुआवजा प्राप्त किया और इस राशि से अपने तथा परिजनों के नाम पर संपत्तियां खरीदीं। एजेंसी अब तक तीन अस्थायी कुर्की आदेश जारी कर चुकी है और देहरादून की विशेष PMLA अदालत में कई अभियोजन शिकायतें दायर की गई हैं। मामला न्यायिक प्रक्रिया में है।

 Winzo केस: विदेशी खातों में 505 करोड़ रुपये फ्रीज

दूसरे मामले में बेंगलुरु जोनल कार्यालय ने Winzo से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग आरोपों में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने अमेरिका और सिंगापुर स्थित संबद्ध कंपनियों के बैंक खातों में जमा 55.69 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 505 करोड़ रुपये) की राशि अस्थायी रूप से कुर्क की है।

ED का आरोप है कि कंपनी ने वित्तीय वर्षों 2021-22 से 2025-26 (22 अगस्त 2025 तक) के दौरान कथित रूप से हजारों करोड़ रुपये की अवैध आय अर्जित की। जांच में यह भी सामने आया कि प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं को वास्तविक प्रतिद्वंद्वियों की बजाय स्वचालित प्रणालियों या बॉट्स के खिलाफ खेलने के लिए प्रेरित किया गया, जिससे कंपनी को कमीशन आय प्राप्त हुई।

एजेंसी के अनुसार, कथित आय का एक हिस्सा विदेशी निवेश के नाम पर बाहर भेजा गया। अब तक कुल मिलाकर 1,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां अस्थायी रूप से अटैच की जा चुकी हैं। बेंगलुरु की विशेष PMLA अदालत में अभियोजन शिकायत दाखिल की गई है और मामला विचाराधीन है।

 क्या संकेत मिलते हैं?

दोनों कार्रवाइयां आर्थिक अपराधों और धन शोधन के मामलों में एजेंसियों की सख्ती को दर्शाती हैं। एक ओर भूमि अधिग्रहण में कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई हुई है, तो दूसरी ओर डिजिटल गेमिंग सेक्टर की वित्तीय पारदर्शिता पर सवाल उठे हैं। मामले अदालतों में लंबित हैं और अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।
 

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