Edited By Vandana Khosla, Updated: 20 Jan, 2026 09:41 AM

देहरादूनः उत्तराखंड का लाल गजेंद्र सिंह गढ़िया जम्मू-कश्मीर में दुश्मनों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए है। गजेंद्र सिंह गढ़िया जनपद बागेश्वर में कपकोट तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव बीथी के रहने वाले थे। आज यानी मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर कपकोट लाया...
देहरादूनः उत्तराखंड का लाल गजेंद्र सिंह गढ़िया जम्मू-कश्मीर में दुश्मनों के साथ मुठभेड़ में शहीद हुए है। गजेंद्र सिंह गढ़िया जनपद बागेश्वर में कपकोट तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव बीथी के रहने वाले थे। आज यानी मंगलवार को उनका पार्थिव शरीर कपकोट लाया जाएगा। बता दें कि सरयू-खीरगंगा नदी पर सैन्य सम्मान के साथ उन्हें अंतिम विदाई दी जाएगी।
मिली जानकारी के अनुसार बागेश्वर निवासी हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए है। गजेंद्र सिंह गढ़िया (43) टू-पैरा कमांडो में तैनात थे। दरअसल, किश्तवाड़ में ऑपरेशन त्राशी चलाया जा रहा है। इस संयुक्त अभियान में आतंकियों की तलाश की जा रही है। हवलदार गजेंद्र सिंह गढ़िया भी ऑपरेशन त्राशी का हिस्सा थे। इस दौरान आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड से हमला कर दिया। इसी हमले में हवलदार गजेंद्र वीरगति को प्राप्त हुए हैं। इस घटना के बाद परिजनों समेत पूरे गांव में शोक की लहर है।
उत्तराखंड के सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने हवलदार गजेंद्र सिंह के शहीद होने पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हवलदार गजेंद्र सिंह ने राष्ट्र की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है, जिसे देश कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने शहीद सैनिक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की,औऱ कहा कि ईश्वर से उन्हें इस अपार दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करे।