Edited By Vandana Khosla, Updated: 12 Jan, 2026 04:54 PM

चंपावतः उत्तराखंड के चंपावत जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग-125 के चौड़ीकरण को देखते हुए टनकपुर के बीस गांवों में भूमि के क्रय-विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सोमवार को बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग...
चंपावतः उत्तराखंड के चंपावत जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय राजमार्ग-125 के चौड़ीकरण को देखते हुए टनकपुर के बीस गांवों में भूमि के क्रय-विक्रय पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सोमवार को बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा एनएच-125 के सितारगंज से टनकपुर अनुभाग के बीच चार लेन चौड़ीकरण का कार्य प्रस्तावित है।
इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए शीघ्र ही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया प्रारंभ की जानी है। परियोजना के द्दष्टिगत चंपावत जिले के पूर्णागिरी (टनकपुर) क्षेत्र के 20 गांवों में भूमि के क्रय-विक्रय, रजिस्ट्री, बैनामा तथा भूमि के प्रकृति परिवर्तन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। ये प्रभावित गांव पचकरिया, देवीपुरा, बनबसा, बमनपुरी, आनंदपुर, भजनपुर, चंदनी, विचई, मोहनपुर, छीनीगोठ, छीनी मल्ली, नायकखेड़ा, कछुवापाती, सैलानीगोठ, बगदौराखास, देवरामपुर उफर् सीतापुर, बगदौराहंसी, मनिहारगोठ, ज्ञानखेड़ा और टनकपुर हैं।
कुमार ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित क्षेत्रों में यदि किसी प्रकार का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित व्यक्ति अथवा अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी किसी भी मामले से पूर्व सक्षम प्राधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा।