Edited By Nitika, Updated: 15 Jun, 2024 03:32 PM

उत्तराखंड विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता यशपाल आर्य ने राज्य के जगंलों में बढ़ रही आग की घटनाओं को दुखद बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के पास आग की घटनाओं से निपटने के लिए न तो कोई दृष्टिकोण है और न ही कोई विजन।
नैनीतालः उत्तराखंड विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता यशपाल आर्य ने राज्य के जगंलों में बढ़ रही आग की घटनाओं को दुखद बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार के पास आग की घटनाओं से निपटने के लिए न तो कोई दृष्टिकोण है और न ही कोई विजन।
यशपाल आर्य ने प्रेस को यहां जारी एक बयान में बिनसर वन्य जीव विहार में वनाग्नि के चलते हुए हुई चार वनकर्मियों की मौत को हृदयविदारक बताते हुए कहा कि सरकार जगंलों की आग की रोकथाम के मामले में नाकाम रही है और मात्र खानापूर्ति में लगी है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में जंगलों में आग की घटनाएं पिछले कई महीनों से हो रही हैं लेकिन सरकार और वन महकमा इसकी रोकथाम में असफल रहा है। जंगलों में बढ़ रही आग की घटनाओं से नदियां एवं जल स्रोत सब खत्म हो रहे हैं। अमूल्य वन संपदा नष्ट हो रही है। लाखों जीव जंतुओं के साथ ही प्रदेश का पारिस्थितिकीय तंत्र प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रमुख विपक्षी दल होने के नाते प्रदेश सरकार को कई बार आगाह किया गया लेकिन अफसोस है कि सरकार की तैयारियां शून्य रही हैं।
उच्चतम न्यायालय के आदेश के बावजूद सरकार द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। उन्होंने सवाल किया कि कर्मचारियों को बिना उपकरण और बिना प्रशिक्षण के मौत के मुंह में क्यों धकेला जा रहा है। उन्होंने साफ-साफ कहा कि तमाम संसाधन के बावजूद ऐसे संवेदनशील विषय पर सरकार के पास के पास न तो कोई दृष्टिकोण है और न ही कोई विजन है।