Edited By Pooja Gill, Updated: 12 Apr, 2026 10:12 AM

रामनगर: उत्तराखंड में रामनगर के तराई पश्चिम वन प्रभाग फाटों जोन में बीते दिनों भ्रमण करने आए कुछ पर्यटकों ने एक बाघिन घायल अवस्था में तस्वीरें खीची थी...
रामनगर: उत्तराखंड में रामनगर के तराई पश्चिम वन प्रभाग फाटों जोन में बीते दिनों भ्रमण करने आए कुछ पर्यटकों ने एक बाघिन घायल अवस्था में तस्वीरें खीची थी। बाघिन की गर्दन के आसपास काफ़ी संख्या में चोट के निशान थे। इस पर वन विभाग की ओर से बाघिन के उपचार के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया था।
शरीर पर थे काफी निशान
रेंजर कृपाल सिंह बिष्ट ने बताया कि शुक्रवार रात नौ बजे वन्यजीव चिकित्सक ने बाघिन को वन परिसर के पास स्थित वाटर हॉल से ट्रैंक्यूलाइज किया था। जिसके बाद बाघिन का मौके पर ही उपचार किया गया था। उन्होंने बताया कि आपसी संघर्ष में बाघिन के शरीर से काफ़ी चोट के निशान मिले। बाघिन का मौके पर इलाज करने के बाद उसे जंगल में छोड़ दिया। बाघिन के ठीक होने तक वन विभाग उसकी निगरानी करेगा। इसके लिए छह कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं।
उपचार दे दौरान मौत
वहीं, तराई पश्चिमी वनप्रभाग के डीएफओ प्रकाश चंद्र आर्या ने बताया कि विगत 15 दिन पूर्व छोई क्षेत्र से घायल अवस्था में इस बाघिन को रेस्क्यू किया था। जिसके बाद बाघिन का रेस्क्यू सेंटर में उपचार किया जा रहा था। बताया कि बाघिन आपसी संघर्ष में बुरी तरह घायल थी। इसके चलते उपचार के दौरान उसकी इंफ़ेक्शन के चलते मौत हो गई। बताया कि बाघिन के शव का पोस्टमाटर्म कर शव को नष्ट कर दिया गया है।