'नो व्हीकल डे' को मंजूरी, Work From Home को बढ़ावा... ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए उत्तराखंड सरकार का बड़ा कदम

Edited By Ramanjot, Updated: 14 May, 2026 11:48 AM

no vehicle day  to be implemented in uttarakhand

अधिकारियों के मुताबिक एक अन्य निर्णय में, मुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रियों के काफिले में वाहनों की संख्या आधी किए जाने, सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे' घोषित करने तथा घर से ही कार्य करने को मंजूरी दी गई।

Uttarakhand News: उत्तराखंड मंत्रिमंडल ने बुधवार को ऊर्जा और ईंधन बचत के लिए 'वर्क फ्रॉम होम', सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे' रखने, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने, मुख्यमंत्री समेत सभी मंत्रियों के वाहनों का बेड़ा आधा करने और नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति लाने सहित अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक संकट के कारण ईंधन, खाद्य पदार्थ और उर्वरकों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से छोटे-छोटे व्यवहारिक बदलावों के माध्यम से सहयोग की अपील की है और इसी क्रम में उत्तराखंड में भी कई अल्पकालिक एवं दीर्घकालिक सुधार तत्काल प्रभाव से लागू किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया कि 'वर्क फ्रॉम होम' को बढ़ावा देते हुए सरकारी विभागों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग आधारित बैठकों को तरजीह दी जाएगी जबकि निजी क्षेत्रों को भी इसके लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को सार्वजनिक वाहनों का अधिकतम उपयोग करने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।

अधिकारियों के मुताबिक एक अन्य निर्णय में, मुख्यमंत्री एवं अन्य मंत्रियों के काफिले में वाहनों की संख्या आधी किए जाने, सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे' घोषित करने तथा घर से ही कार्य करने को मंजूरी दी गई। यह भी तय हुआ कि आमजन को भी सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे' के लिए प्रेरित किया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि मंत्रिमंडल ने परिवहन विभाग को बसों की सेवा और क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए तथा तय किया कि सरकारी कर्मचारियों को सार्वजनिक वाहन के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाएगा। इसके अलावा, एक से अधिक विभागों की जिम्मेदारियां संभाल रहे अधिकारियों को एक दिन में अधिकतम एक वाहन का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी एवं निजी भवनों में 'एयर कंडीशनर' के इस्तेमाल में कमी लाने, सरकारी विदेश यात्राओं को सीमित करने तथा घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने एवं राज्य में 'डेस्टिनेशन वेडिंग्स' को प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया गया। 

अधिकारियों के अनुसार मंत्रिमंडल ने इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जल्द ही एक प्रभावी ईवी नीति लाए जाने को भी मंजूरी दी जिसके तहत नए सरकारी वाहनों की खरीद में 50 प्रतिशत अनिवार्य तौर पर इलेक्ट्रिक वाहन होंगे। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 'चार्जिंग स्टेशन' और नेटवर्क का प्राथमिकता के आधार पर विस्तार किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, एक अन्य फैसले में, ''मेरा भारत, मेरा योगदान'' जैसे जन-जागरूकता अभियान चलाए जाने को स्वीकृति दी गई जिसके तहत राज्य में स्थानीय उत्पादों की बिक्री बढ़ाने, नागरिकों को एक वर्ष तक सोने की खरीद को सीमित करने तथा कम तेल वाले भोजन के प्रति लोगों को जागरूक किया जाएगा। 

अधिकारियों का कहना है कि मंत्रिमंडल ने किसानों को प्राकृतिक खेती, 'जीरो बजट' खेती तथा 'बायो इनपुटस' का प्रशिक्षण देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी जिसमें उन्हें उर्वरकों के संतुलित उपयोग और मृदा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाएगा। बैठक में यह भी तय किया गया कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पीएनजी कनेक्शनों के संयोजनों को मिशन मोड में चलाया जाएगा तथा होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में पीएनजी उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत सौर उर्जा को बढ़ावा देने के अलावा, गोबर गैस को भी बढ़ावा दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार मंत्रिमंडल ने खनन, सौर उर्जा तथा विद्युत परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान करने में तेजी लाने का फैसला किया जिसके लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्चाधिकार समिति को 60 दिन में प्रस्ताव को अनुमोदन प्रदान करेगी। 
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!