गोलमेज सम्मेलन की पहली बैठक में G-20 देश मसौदा दस्तावेज पर काम करने पर बनी सहमति

Edited By Nitika, Updated: 30 Mar, 2023 12:52 PM

g 20 countries agreed to work on the draft document

जी-20 की रामनगर में हुई मुख्य विज्ञान सलाहकार गोलमेज सम्मेलन की पहली बैठक में भाग लेने वाले देशों के इनपुट (विचारों) को शामिल करते हुए एक मसौदा दस्तावेज पर काम करने की सहमति बनी।

 

हल्द्वानीः जी-20 की रामनगर में हुई मुख्य विज्ञान सलाहकार गोलमेज सम्मेलन की पहली बैठक में भाग लेने वाले देशों के इनपुट (विचारों) को शामिल करते हुए एक मसौदा दस्तावेज पर काम करने की सहमति बनी।

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भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रोफेसर अजय सूद ने पहले दिन के विचार-विमर्श के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा कि बैठक में भाग लेने वाले सभी देशों की सलाह (इनपुट) को शामिल करते हुए पहले से तैयार ‘कॉन्सेप्ट नोट' में आगे सुधार करते हुए एक मसौदा दस्तावेज पर काम करने की सहमति बनी है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी कोशिश यह रहेगी कि पहले हमने जो अपना कॉन्सेप्ट नोट बनाया था, उसमें हम बाकी देशों से आए इनपुट शामिल करते हुए उसे और रिफाइन (बेहतर) करेंगे। इसके बाद उन्हें भाग लेने वाले अन्य देशों में सर्कुलेट किया जाएगा ताकि अगस्त में ब्राजील में होने वाली अगली बैठक तक मसौदा दस्तावेज तैयार हो जाए।''

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प्रोफेसर सूद ने कहा कि बैठक में चार विषयों पर चर्चा की गई, जिनमें मानव, पशु और वन्यजीव के स्वास्थ्य पर केंद्रित ‘वन हेल्थ', अनुसंधान के क्षेत्र में ज्ञान तक सभी की पहुंच पर आधारित ‘ओपन एक्सेस ऑफ नॉलेज', आदिवासी और अल्पसंख्यक समुदाय के पारंपरिक ज्ञान को मुख्यधारा में लाने के लिए ‘विविधता, हिस्सेदारी, समावेश और पहुंच' तथा प्रतिभागी जी20 देशों के लिए वैज्ञानिक समावेशी नीति का ढांचा तैयार करना शामिल है। उन्होंने बताया कि बुधवार को हुए विचार-विमर्श में जी-20 के 18 देशों ने भाग लिया जबकि इंडोनेशिया तथा अर्जेंटीना इसमें शामिल नहीं हो पाए। हालांकि, उन्होंने कहा कि बैठक में तीन आमंत्रित देश-नीदरलैंड, स्पेन और नाइजीरिया ने भी हिस्सा लिया।

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प्रोफेसर सूद ने कहा कि कोविड-19 महामारी के अनुभव ने देश में ‘वन हेल्थ' की अवधारणा को जन्म दिया, जिसका उद्देश्य पर्यावरणीय निगरानी के जरिए किसी महामारी की चुनौती से निपटने के लिए पहले से बेहतर तैयारी रखना है। उन्होंने महामारी के दौरान आगे बढ़कर नेतृत्व करने का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को दिया और कहा कि भारत के बहुत कम समय में कोविड रोधी टीके बनाने और दुनिया में सबसे बडा टीकाकरण अभियान बनाने के पीछे मोदी ही थे।

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