मुख्यमंत्री धामी ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग

Edited By Vandana Khosla, Updated: 05 Feb, 2026 08:42 AM

chief minister dhami called a high

देहरादूनः उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय सभागार में कौशल विकास के अंतर्गत, अब तक की कार्य प्रगति तथा स्किल प्राप्त युवाओं को फॉरवडर् लिंकेज से जोड़ने के संबंध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें इस...

देहरादूनः उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार को सचिवालय सभागार में कौशल विकास के अंतर्गत, अब तक की कार्य प्रगति तथा स्किल प्राप्त युवाओं को फॉरवडर् लिंकेज से जोड़ने के संबंध में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें इस तथ्य पर गहन चर्चा हुई कि राज्य में आईटीआई व तकनीकी संस्थानों तथा प्रशिक्षित युवाओं की संख्या बढ़ने के बावजूद उद्योगों में उनकी प्लेसमेंट और संतोषजनक वेतन क्यों नहीं मिल पा रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे प्रबंधन, समन्वय और प्लेटफार्म स्तर पर कमी का संकेत बताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि एक ओर नाई, प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, मिस्त्री, कारपेंटर जैसे दैनिक कार्यों के लिए कुशल श्रमिक आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाते, वहीं दूसरी ओर अनेक युवा, जो आईटीआई से तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर चुके हैं, वे रोजगार की आकांक्षा में रहते हैं। उन्होंने तकनीकी, शिक्षा, कौशल और अन्य संबंधित विभागों के बेहतर समन्वय से इस विरोधाभास को दूर करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि केवल स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, बल्कि स्मार्ट मानव संसाधन तैयार करना प्राथमिकता होगी। उन्होंने उद्योगों और भविष्य की तकनीकी मांग के अनुरूप रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रम, प्रशिक्षित ट्रेनर-शिक्षक और आईटीआई जैसे तकनीकी संस्थानों को अपग्रेड करने पर जोर देने को कहा। 

सीएम धामी ने निर्देश दिए कि स्थानीय स्तर पर दैनिक कार्यों के लिए बेसिक स्किल वर्कर, मीडियम तकनीक की वकर्फोर्स और उच्च कुशल तकनीकी वकर्फोर्स तैयार करने का समेकित मॉडल विकसित किया जाए, जिससे विकसित भारत 2047 की आकांक्षा को साकार करने को बल मिले। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के लिए चयन होते ही युवाओं को रोजगार प्रदाता संस्थानों से टैग किया जाए, ताकि ट्रेनिंग के दौरान ही जॉब सिक्योरिटी सुनिश्चित हो। 

धामी ने कहा कि तकनीकी पाठ्यक्रमों को समयानुसार रिवाइज करने तथा 6 माह, मध्य अवधि और दीर्घकालिक तीनों स्तरों पर आउटकम सुनिश्चित करने पर बल दिया जाय। उन्होंने विदेशों में स्वरोजगार/रोजगार के अवसरों के लिए चयनित किए जाने वाले युवाओं को भारत सरकार की विभिन्न देशों के अनुरूप प्रबंधन के संबंध में गाइडलाइन साझा की जाए। ताकि उनको संबंधित देश में अपने आपको अनुकूलित करने में अधिक आसानी हो। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने तथा न्यायालय में लंबित प्रकरणों के प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए, ताकि भर्ती परिणाम अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने उद्योगों को प्रशिक्षण में भागीदार बनाने का सुझाव दिया, जिससे मांग आधारित कौशल विकसित हों। उन्होंने बताया कि यदि उद्योग भी प्रशिक्षण और तकनीकी पाठ्यक्रम के निर्धारण में शामिल होंगे तो वे उद्योगों की मांग के अनुरूप युवाओं को स्किल्ड कर पाएंगे। इससे युवाओं को जॉब पाने के अधिक अवसर प्राप्त होंगे। 

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सभी संबंधित विभागों को एक प्लेटफार्म पर आकर रोजगार व कौशल से जुड़े कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। जबकि सचिव, कौशल विकास एवं सेवायोजन सी. रविशंकर ने विभागीय प्रयासों, स्थानीय से ओवरसीज प्लेसमेंट तक की रणनीति और बेहतर प्रयासों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में प्रमुख सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम, सचिव दिलीप जावलकर, रंजीत सिन्हा, रविनाथ रामन, विनय शंकर पांडेय, दीपेंद्र चौधरी, डीएस गर्ब्याल, हॉफ वन विभाग रंजन मिश्रा सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। 
  

 

Related Story

Trending Topics

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!