भाजपा नेता को नैनीताल हाई कोर्ट से बड़ा झटका, जानिए क्या है पूरा मामला

Edited By Vandana Khosla, Updated: 25 Nov, 2025 12:50 PM

bjp leader gets a big blow from nainital high court

नैनीतालः उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने दंगा भड़काने की सुनियोजित साजिश के आरोपों के संबंध में भाजपा नेता मदन मोहन जोशी तथा अन्य लोगों की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी...

नैनीतालः उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने दंगा भड़काने की सुनियोजित साजिश के आरोपों के संबंध में भाजपा नेता मदन मोहन जोशी तथा अन्य लोगों की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अदालत ने नैनीताल जिले के रामनगर क्षेत्र के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय नेता मदन मोहन जोशी तथा अन्य लोगों की ओर से दायर अग्रिम जमानत याचिका सोमवार को खारिज कर दी।

मुख्य न्यायाधीश जी. नरेंद्र और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। खंडपीठ ने कई अन्य संबंधित याचिकाओं की सुनवाई के लिए अगली तारीख आठ दिसंबर तय करते हुए नैनीताल के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को भी उस दिन मौजूद रहने के निर्देश दिए। अदालत की कार्यवाही के दौरान, अन्य आरोपी व्यक्तियों की ओर से पेश वकील ने कहा कि वे अदालत के सामने आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अपनी याचिकाएं वापस लेने की अनुमति दिए जाने की भी प्रार्थना की।

रामनगर के छोई क्षेत्र में 23 अक्टूबर को गोमांस लाने के आरोप में नासिर नाम के व्यक्ति को कथित रूप से पीटे जाने के बाद उसकी पत्नी नूरजहां ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हुए सुरक्षा की मांग की थी। नूरजहां की ओर से कहा गया था कि स्थानीय नेता मदन जोशी लाइव वीडियो सहित फेसबुक पर लगातार भड़काऊ सामग्री पोस्ट कर रहे हैं और 23 तारीख की अपनी कार्रवाई को उचित ठहराते हुए धार्मिक भावनाएं भड़काने का प्रयास रहे हैं।

अपनी पूर्व की सुनवाइयों में उच्च न्यायालय ने रामनगर पुलिस को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि न तो मदन जोशी और न ही उनका कोई समर्थक सोशल मीडिया पर भड़काऊ सामग्री पोस्ट करे। अदालत ने जांच अधिकारी को जोशी द्वारा फेसबुक पर डाली गई सभी भड़काऊ पोस्ट को हटाने के भी निर्देश दिए थे।

उच्च न्यायालय को बताया गया था कि उस दिन छोई में वाहन में ले जाया जा रहा मांस भैंस का था जिसके लिए बरेली के एक आपूर्तिकर्ता द्वारा वैध लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा प्रमाण पत्र जारी किया गया था। अदालत ने रामनगर पुलिस को आरोपी मदन जोशी के राजनीतिक दबाव में नहीं आने तथा कानून एवं उच्चतम न्यायालय के दिशानिर्देशों के अनुसार कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।

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