Edited By Ramanjot, Updated: 13 Jan, 2026 05:43 PM

प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने बताया कि डालनवाला थाने में सोमवार देर रात तक चला धरना पुलिस अधिकारियों के इस आश्वासन पर स्थगित किया गया कि अल्मोड़ा में साहू के खिलाफ जल्द प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। रौतेला ने कहा कि साहू ने विवाह के...
Uttarakhand News: बिहार की महिलाओं के बारे में कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य के पति गिरधारी लाल साहू के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग पर अड़ीं महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अपना धरना 18 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया।
प्रदेश महिला कांग्रेस की अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने बताया कि डालनवाला थाने में सोमवार देर रात तक चला धरना पुलिस अधिकारियों के इस आश्वासन पर स्थगित किया गया कि अल्मोड़ा में साहू के खिलाफ जल्द प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। रौतेला ने कहा कि साहू ने विवाह के लिए बिहार की महिलाओं के 20-25 हजार रुपये में मिलने की बात कहकर न केवल बिहार, बल्कि पूरे देश की महिलाओं का अपमान किया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने दो जनवरी को थाने पहुंचकर साहू के खिलाफ शिकायत सौंपी थी, लेकिन अभी तक पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया है।
समर्थन में हरीश रावत भी पहुंचे
अपनी मांग को लेकर सुबह से लेकर रात तक धरने पर डटी रहीं महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं के समर्थन में पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश कांग्रेस के पदाधिकारी, वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी थाने में एकत्र हो गए। इसके बाद पुलिस थानाध्यक्ष, नगर पुलिस उपाधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और हरीश रावत एवं रौतेला से बातचीत की। रौतेला ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) ने इस संबंध में अल्मोड़ा के एसएसपी को पत्र भेजकर मामले से अवगत करा दिया है।
18 जनवरी को देहरादून SSP कार्यालय का घेराव
रौतेला ने बताया कि इस पर हरीश रावत ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 17 जनवरी तक महिला कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा दी गई शिकायत पर अल्मोड़ा में साहू के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज नहीं की जाती है, तो 18 जनवरी को देहरादून में स्थित एसएसपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा। रौतेला ने कहा कि इसके बाद थाना डालनवाला पर धरना 18 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दिया गया। पिछले साल दिसंबर में अल्मोड़ा में आयोजित एक कार्यक्रम में साहू ने यह कथित विवादास्पद बयान दिया था। बाद में साहू ने अपने बयान के लिए माफी भी मांगी थी।