Edited By Vandana Khosla, Updated: 03 Feb, 2026 04:24 PM

देहरादूनः उत्तराखंड के देहरादून के पास स्थित साहिया क्षेत्र में एक अनोखी और सराहनीय पहल की गई है। खत सिली गोथान से जुड़े 12 गांवों के ग्रामीणों ने शादी-विवाह में होने वाली फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए नए नियम बनाए हैं। जिसमें विवाह में शगुन के रूप...
देहरादूनः उत्तराखंड के देहरादून के पास स्थित साहिया क्षेत्र में एक अनोखी और सराहनीय पहल की गई है। खत सिली गोथान से जुड़े 12 गांवों के ग्रामीणों ने शादी-विवाह में होने वाली फिजूलखर्ची पर रोक लगाने के लिए नए नियम बनाए हैं। जिसमें विवाह में शगुन के रूप में केवल 101 रुपये ही दिए जाएंगे। साथ ही शादी में बीयर परोसने पर रोक लगा दी गई है। यह पहल क्षेत्र में सादगी, समानता और सामाजिक सुधार की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
ग्राम बड़नु के राजकीय जूनियर हाईस्कूल के मैदान में इन गांवों की एक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता खत स्याणा मंजीत सिंह तोमर ने की। इसमें सामाजिक आयोजनों को सरल और सादा बनाने पर सहमति बनी। बैठक में तय किया गया कि विवाह में शगुन के रूप में केवल 101 रुपये ही दिए जाएंगे। इसके अलावा शादी-विवाह के आयोजनों में बीयर परोसने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है।
ग्रामीणों ने यह भी निर्णय लिया कि परिवार की पहली शादी में मामा पक्ष की ओर से केवल परंपरा के अनुसार एक बकरा और आटा, चावल, सूजी लेकर आने और टीका करने की प्रथा पर रोक लगाई गई है। साथ ही खत की बेटियों की ओर से बकरा देने या लेने पर भी पाबंदी रहेगी। रईणी भोज में चांदी का सिक्का और कपड़े देने की परंपरा को भी बंद करने का फैसला लिया गया है। ग्रामीणों ने यह भी साफ किया कि जो व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करेगा, उसका सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।