Edited By Vandana Khosla, Updated: 17 Jan, 2026 09:47 AM

हरिद्वारः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत विजिलेंस टीम ने हरिद्वार में एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिला पूर्ति अधिकारी श्यामलाल आर्य और उनके एक सहायक को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है।...
हरिद्वारः मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत विजिलेंस टीम ने हरिद्वार में एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिला पूर्ति अधिकारी श्यामलाल आर्य और उनके एक सहायक को 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। देहरादून से आई विजिलेंस टीम ने यह कार्रवाई जिला पूर्ति कार्यालय में ही अंजाम दी।
दरअसल, विजिलेंस विभाग को लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि जिला पूर्ति कार्यालय में बिना रिश्वत के काम नहीं हो रहे हैं। इन शिकायतों की पुष्टि के बाद टीम ने जाल बिछाया और जैसे ही अधिकारी ने पैसे लिए, उन्हें रंगे हाथ दबोच लिया गया। इस अचानक हुई छापेमारी से पूरे कलेक्ट्रेट परिसर और सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। फिलहाल, विजिलेंस की टीम दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। साथ ही कार्यालय के महत्वपूर्ण दस्तावेजों और रिकॉर्ड को भी खंगाला जा रहा है ताकि यह पता चल सके कि इस भ्रष्टाचार के तार और कहां-कहां जुड़े हैं।
अभी यह खुलासा नहीं हुआ है कि रिश्वत किस विशेष काम (राशन दुकान आवंटन या अन्य कार्य) के बदले मांगी गई थी। भ्रष्टाचार के खिलाफ इस सख्त कार्रवाई ने जिले के अन्य सरकारी विभागों को भी कड़ा संदेश दिया है। विजिलेंस के अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जल्द ही पूरे मामले का विस्तृत खुलासा किया जाएगा।