Edited By Vandana Khosla, Updated: 04 Feb, 2026 10:38 AM

देहरादूनः उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ की अध्यक्षता में मंगलवार को सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में उच्च स्तरीय अपराध एवं कानून व्यवस्था समीक्षा गोष्ठी में वर्तमान अपराध परिदृश्य, कानून व्यवस्था की स्थिति, विवेचनाओं एवं जन शिकायतों...
देहरादूनः उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ की अध्यक्षता में मंगलवार को सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में उच्च स्तरीय अपराध एवं कानून व्यवस्था समीक्षा गोष्ठी में वर्तमान अपराध परिदृश्य, कानून व्यवस्था की स्थिति, विवेचनाओं एवं जन शिकायतों के निस्तारण की व्यापक समीक्षा कर विस्तृत दिशा-निर्देश निर्गत किए गए। डीजीपी ने निर्देश दिए कि सिविल मामलों में हस्तक्षेप करने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्यवाही की जाए।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दीपम सेठ ने जनपद देहरादून के ऋषिकेश में एक महिला की गोली मारकर हत्या करने की घटना पर लापरवाही बरतने पर एम्स चौकी प्रभारी एसआई साहिल वशिष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इसी के साथ ही कोतवाली नगर, देहरादून में युवती के जघन्य हत्याकांड में प्रथम दृष्टया लापरवाही परिलक्षित होने पर खुड़बुड़ा चौकी प्रभारी एसआई प्रद्युम्न नेगी को भी सस्पेंड किया गया है। इन प्रकरणों की जांच पुलिस अधीक्षक अपराध विशाखा अशोक भदाणे को सौंपी।
उन्होंने घटना में अन्य कर्मियों द्वारा शिथिलता बरते जाने की 07 दिवस के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सेठ ने जनपद हरिद्वार के भगवानपुर थाना क्षेत्र में रविदास जयंती पर दो पक्षों में हुए संघर्ष एवं गोलीबारी की घटना में पुलिस द्वारा गंभीर लापरवाही बरते जाने पर हल्का प्रभारी चुड़ियाला एसआई सूरत शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही मामले की जांच भी सात दिनों के अंदर विस्तृत जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जनपद ऊधमसिंह नगर के सुखवन्त सिंह आत्महत्या प्रकरण में भूमि सम्बन्धी मामले में पुलिस अधिकारियों तथा कर्मचारियों के विरुद्ध आरोपों के द्दष्टिगत भूमि धोखाधड़ी (लैंड फ्रॉड) के मामलों में निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्यवाही को अनिवार्य रूप से क्षेत्राधिकारी (सीओ) स्तर पर समयबद्ध जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि क्षेत्राधिकारी द्वारा पारदर्शी जांच करते हुए स्पष्ट रूप से सिविल अथवा क्रिमिनल प्रकृति का उल्लेख किया जाएगा। तदोपरान्त ही अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में डीजी, अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी), निदेशक विजिलेंस, अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन, एडीजी, प्रशासन ए.पी. अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) पी/एम विम्मी सचदेवा, आईजी, कुमाऊं परिक्षेत्र रिधिम अग्रवाल, आईजी, दूरसंचार कृष्ण कुमार वी.के., आईजी , साइबर क्राइम नीलेश आनन्द भरणे, आईजी अभिसूचना एवं सुरक्षा करन सिंह नगन्याल, आईजी गढ़वाल परिक्षेत्र सदानंद दाते, आईजी, अपराध एवं कानून व्यवस्था सुनील कुमार मीणा, आईजी, कार्मिक योगेन्द्र रावत, धीरेन्द्र गुंज्याल, डीआईजी अपराध एवं कानून व्यवस्था सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।