Chardham Yatra 2026: ऋषिकेश-मुनिकीरेती-टिहरी क्षेत्र में कड़ी निगरानी के साथ शुरू होगी चारधाम यात्रा; प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क

Edited By Pooja Gill, Updated: 11 Apr, 2026 01:16 PM

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टिहरी: उत्तराखंड में आगामी 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह सतर्क है। विशेष रूप से ऋषिकेश, मुनिकीरेती और टिहरी क्षेत्र, जो यात्रा...

टिहरी: उत्तराखंड में आगामी 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा को लेकर प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह सतर्क है। विशेष रूप से ऋषिकेश, मुनिकीरेती और टिहरी क्षेत्र, जो यात्रा का प्रमुख प्रवेश द्वार माने जाते हैं, वहां सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) के निर्देश पर इस बार यात्रा व्यवस्थाओं की सीधी निगरानी के लिए दो अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजी) और चार महानिरीक्षक रैंक के अधिकारियों को तैनात किया गया है।

सक्रिय रहेंगी एटीएस की टीमें 
ऋषिकेश, लक्ष्मणझूला और मुनिकीरेती क्षेत्र की जिम्मेदारी आईजी सुनील कुमार को सौंपी गई है, जो लगातार स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को परखेंगे। ऋषिकेश और मुनिकीरेती चारधाम यात्रा का मुख्य गेटवे होने के कारण यहां अतिरिक्त सतकर्ता बरती जा रही है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ट्रैफिक प्लान को मजबूत किया गया है और पार्किंग स्थलों की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि जाम की स्थिति से बचा जा सके। पूरे यात्रा क्षेत्र में लगभग सात हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। यात्रा को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टर में बांटकर निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया गया है। धामों के साथ-साथ ऋषिकेश-मुनिकीरेती क्षेत्र में भी एटीएस की टीमें सक्रिय रहेंगी। 

श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता 
टिहरी जिला सहित यात्रा मार्ग पर 80 स्थानों पर आपदा प्रबंधन टीमें, 37 जगहों पर एसईआरएफ और आठ स्थानों पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की तैनाती की गई है। प्रशासन ने 109 भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, 274 दुर्घटना संभावित जोन और 61 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हैं, जिन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 118 पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया गया है। साथ ही 52 बॉटल नेक पॉइंट्स पर ट्रैफिक मैनेजमेंट के विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। चारधाम यात्रा को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए ऋषिकेश, मुनिकीरेती और टिहरी प्रशासन समन्वय के साथ कार्य कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है।  

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