Edited By Vandana Khosla, Updated: 20 Jan, 2026 05:06 PM

नैनीतालः उत्तराखंड के हल्द्वानी की ब्लागर ज्योति अधिकारी को मंगलवार को उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने पांच मामलों में उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में ज्योति अधिकारी के प्रार्थना पत्रों पर एक साथ...
नैनीतालः उत्तराखंड के हल्द्वानी की ब्लागर ज्योति अधिकारी को मंगलवार को उच्च न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। न्यायालय ने पांच मामलों में उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ में ज्योति अधिकारी के प्रार्थना पत्रों पर एक साथ सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि उसके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। एक ही मामले में उसके खिलाफ प्रदेश के अलग-अलग सात मामले दर्ज किए गए हैं। दो मामलों में उसे निचली अदालत से जमानत मिल गई है।
दूसरी ओर सरकार की ओर से गिरफ्तारी का विरोध करते हुए कहा गया कि अपने फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए आरोपी महिला की ओर से ऐसा किया गया है। इससे हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। अंत में अदालत ने उसे राहत देते हुए निर्देश दिए कि आरोपी सोशल मीडिया से अपने सभी वीडियो हटायेंगी। अदालत ने आरोपी के अधिवक्ता से यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर प्रचार पाने के लिए ऐसा कदम उठाना गलत है। उल्लेखनीय है कि आरोपी के खिलाफ हल्द्वानी, अल्मोड़ा, सितारगंज, खटीमा समेत अन्य जगहों में भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं में कुल सात प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के माध्यम से हिंदू देवी देवताओं और महिलाओं का अपमान किया है। महिलाओं और देवी देवताओं के खिलाफ अनाप शनाप बयान दिया है। इससे हिंदू समाज की भावनाओं को ठेस पहुंची है। इसके बाद ज्योति अधिकारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। हालांकि कुछ दिन पहले हल्द्वानी की निचली अदालत से उन्हें दो मामलों में जमानत मिल गई थी। इसके साथ ही अन्य मामलों में उस पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी हुई थी।