Edited By Ramanjot, Updated: 11 Feb, 2026 11:13 PM

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए साफ कर दिया है कि किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री आवास में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने पुलिस और प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर अपराध पर तत्काल एफआईआर दर्ज हो और दोषियों के खिलाफ प्रभावी तथा कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आदतन अपराधियों और गैंग्स पर फोकस
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से संगठित अपराध और आदतन अपराधियों पर निगरानी बढ़ाने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि ऐसे तत्वों की पहचान कर कानून के प्रावधानों के तहत सख्ती से कार्रवाई की जाए, ताकि समाज में कानून का प्रभाव बना रहे और आम नागरिक खुद को सुरक्षित महसूस करें। संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, थानों की कार्यप्रणाली मजबूत करने और शहरी इलाकों में ट्रैफिक व सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के भी निर्देश दिए गए।
पुलिस की जवाबदेही तय करने पर जोर
सीएम धामी ने पुलिस महकमे को स्पष्ट संदेश दिया कि सतर्कता, सक्रियता और जवाबदेही के साथ काम किया जाए। असामाजिक गतिविधियों, शांति भंग करने की कोशिश या कानून हाथ में लेने वाले तत्वों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जमीनी स्तर पर परिणाम दिखने चाहिए और जनता के भीतर सुरक्षा का भरोसा मजबूत होना चाहिए।
नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग
बैठक में यह भी तय किया गया कि कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों की लगातार समीक्षा की जाएगी और हर स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। बैठक में मुख्य सचिव, डीजीपी, गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) और अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
हालिया घटनाओं को देखते हुए आयोजित इस बैठक को राज्य में अपराध पर सख्ती के स्पष्ट संकेत के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने दोहराया है कि उसका लक्ष्य शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुशासित उत्तराखंड का निर्माण है।