Rudraprayag News: राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अगस्त्यमुनि में इतिहास विभागीय प्रतियोगिता हुई संपन्न

Edited By Vandana Khosla, Updated: 19 Mar, 2026 02:13 PM

rudraprayag news history departmental competition was held

रुद्रप्रयागः आज यानी 18 मार्च को महाविद्यालय अगस्त्यमुनि के इतिहास विभाग द्वारा विभागीय प्रतियोगिता के अंतर्गत 'इतिहास विषय की 21वीं शताब्दी में प्रासंगिकता' विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में छात्र छात्राओं ने इतिहास...

रुद्रप्रयागः आज यानी 18 मार्च को महाविद्यालय अगस्त्यमुनि के इतिहास विभाग द्वारा विभागीय प्रतियोगिता के अंतर्गत 'इतिहास विषय की 21वीं शताब्दी में प्रासंगिकता' विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में छात्र छात्राओं ने इतिहास विषय की प्रासंगिकता पर विचार प्रस्तुत किए।

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प्रथम स्थान प्राप्त ऋतु बी. ए. द्वितीय सेमेस्टर ने कहा कि इतिहास हमारे भविष्य का आधार है, वहीं द्वितीय स्थान पर रहे अस्मित नेगी ने प्रसिद्ध इतिहासकार ई. एच. कार के विचारों को उद्धृत करते हुए इतिहास को अतीत और वर्तमान के मध्य सेतु के रूप देखा और सम सामयिक वैश्विक घटनाओं के परिप्रेक्ष्य में इतिहास की प्रासंगिकता की बात कही। तृतीय स्थान पर रहे बी. ए. षष्ठम सेमेस्टर के छात्र हितेश ने भारत की एकता और अखंडता के संदर्भ में इतिहास की व्याख्या की।

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कार्यक्रम की संयोजक एवं विभाग प्रभारी इतिहास दीप्ति राणा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास किसी भी राष्ट्र की पहचान है तथा जो पीढ़ी अपना इतिहास याद नहीं रखती उसका कोई भविष्य नहीं हो सकता। डॉ सतीश तिवारी ने छात्र छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि इतिहास मानव जीवन में हुए बदलाव प्रकिया है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के युग और आगे भी हमेशा इतिहास प्रासंगिक रहेगा।

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कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में डॉ पूनम भूषण, डॉ ममता शर्मा, डॉ निधि छाबड़ा, डॉ सतीश तिवारी रहे। इस अवसर पर डॉ सीताराम नैथानी, डॉ चंद्रकला नेगी, डॉ ममता थपलियाल, डॉ मनीषा सती और इतिहास विभाग के सभी छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।




 

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