नैनीताल में निजी स्कूलों की 'मनमानी' पर सख्ती, 17 संस्थानों को नोटिस जारी

Edited By Ramanjot, Updated: 02 May, 2026 05:48 PM

notices issued to 17 private schools in nainital district

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में निजी स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन सख्त हो गया है। 17 स्कूलों को महंगी किताबें थोपने और तय दुकानों से खरीद के लिए बाध्य करने पर नोटिस जारी किया गया।

नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिला प्रशासन ने निजी विद्यालयों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। शिक्षा महकमे ने हल्द्वानी, रामनगर और भीमताल क्षेत्र के 17 निजी विद्यालयों को नोटिस जारी किया है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के अनुसार, प्रशासन को शिकायतें मिली कि कई विद्यालय एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के अतिरिक्त निजी प्रकाशनों की महंगी पुस्तकें अनिवार्य कर रहे हैं। साथ ही अभिभावकों को विशेष दुकानों से ही किताबें व अन्य शैक्षिक सामग्री खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है, जिससे उन पर अनावश्यक आर्थिक बोझ पड़ रहा है। 

नोटिस प्राप्त करने वाले विद्यालयों में देवभूमि सीनियर सेकेंडरी स्कूल (मानपुर पश्चिम), गुरु द्रोणा पब्लिक स्कूल (हल्द्वानी), लक्ष्य इंटरनेशनल स्कूल, बीएलएम एकेडमी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, वुडब्रिज स्कूल (भीमताल), मल्लिकार्जुन स्कूल (भीमताल), सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल (पीरुमदारा, रामनगर), ग्रेट मिशन पब्लिक स्कूल (रामनगर), गाडर्न वैली पब्लिक स्कूल (रामनगर), आर्यमन विक्रम बिड़ला स्कूल (हल्द्वानी), दून पब्लिक स्कूल (नवाबी रोड), विस्डम पब्लिक स्कूल (रामपुर रोड), इंस्पिरेशन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, एसकेएम सीनियर सेकेंडरी स्कूल (रामपुर रोड), किंग्सफोडर् सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शेमफोर्ड सीनियर सेकेंडरी स्कूल (मोटाहल्दू) तथा हिमालया विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल शामिल हैं।

जांच में यह भी पाया गया कि कई कक्षाओं में पुस्तकों की संख्या आवश्यकता से दो से तीन गुना तक अधिक है और विद्यालयों की वेबसाइट पर अनिवार्य सूचनाएं उपलब्ध नहीं हैं। प्रशासन ने इसे शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009, सीबीएसई दिशा-निर्देशों और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम-2019 का उल्लंघन माना है। मुख्य शिक्षा अधिकारी ने सभी विद्यालयों को 15 दिन के भीतर संशोधित बुक लिस्ट जारी करने, केवल आवश्यक एनसीईआरटी पुस्तकों को प्राथमिकता देने, किसी भी विक्रेता की विशेष अनिवार्यता समाप्त करने, वेबसाइट पर बुक लिस्ट व फीस संरचना सार्वजनिक करने तथा अतिरिक्त शुल्क का समायोजन या रिफंड करने के निर्देश दिए हैं। 

निर्देशों का पालन न करने पर संबंधित विद्यालयों की मान्यता निलंबित या समाप्त करने, जुर्माना लगाने सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। साथ ही 15 दिन के भीतर संयुक्त जांच समिति द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। 

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