उत्तराखंड में बड़ा फर्जीवाड़ा ! आरोप में आठ के खिलाफ मुकदमा दर्ज, जानिए क्या है पूरा मामला

Edited By Vandana Khosla, Updated: 06 Dec, 2025 04:31 PM

major fraud in uttarakhand case filed against eight people

हरिद्वारः उत्तराखंड में हरिद्वार के चंडी देवी मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। ट्रस्ट दस्तावेजों और बैंक खातों से संबंधित कथित फर्जीवाड़े, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोपों के आधार पर श्यामपुर पुलिस ने शनिवार को न्यायालय के...

हरिद्वारः उत्तराखंड में हरिद्वार के चंडी देवी मंदिर ट्रस्ट से जुड़े विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। ट्रस्ट दस्तावेजों और बैंक खातों से संबंधित कथित फर्जीवाड़े, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोपों के आधार पर श्यामपुर पुलिस ने शनिवार को न्यायालय के आदेश पर आठ लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। यह मामला चंडी देवी मंदिर ट्रस्ट से जुड़े महंत मोहित गिरि द्वारा दायर कराया गया है।      

शिकायत में कहा गया है कि महंत मोहित गिरि के पिता, दिवंगत महंत रमेश गिरि, वर्षों तक ट्रस्ट संचालन से जुड़े रहे। उनके निधन के बाद ट्रस्ट गतिविधियों में कथित अनियमितताएं सामने आईं। आरोप है कि 13 मई 2025 को एक फर्जी ट्रस्ट डीड तैयार की गई, जिस पर जाली हस्ताक्षर किए गए और इस दस्तावेज का इस्तेमाल ट्रस्ट संचालन एवं बैंक खातों के नियंत्रण के लिए किया गया।

प्राथमिकी में जिन आठ नामों का उल्लेख किया गया है, उनमें महंत रोहित गिरि की पूर्व पत्नी गीतांजलि, बेटा भवानी नंदन गिरि, आकाश कुसुम बच्छेती, पुष्पांजलि गौड़, निखिल खन्ना, दुकानदार मोहित तोमर, धीरज बच्छेती तथा एडवोकेट नीरज पांडेय शामिल हैं। इन पर बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज हुआ है, जो फर्जीवाड़ा, धोखाधड़ी, साजिश और दस्तावेज जालसाजी से संबंधित हैं।      

शिकायतकर्ता मोहित गिरि का कहना है कि उन्होंने फर्जीवाड़े का संज्ञान लेने हेतु न्यायालय में प्रार्थना पत्र दायर किया था, जिस पर अदालत ने प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए। उनका यह भी आरोप है कि घटना मई माह की होने के बावजूद पुलिस अधिकारियों को कई बार शिकायत देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, उलट उन्हें फर्जी मुकदमे में जेल भेज दिया गया, जिससे प्राथमिकी दर्ज होने में देरी हुई।

श्यामपुर थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक मनोज शर्मा ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। ट्रस्ट से जुड़े दस्तावेज, बैंक खातों का रिकॉर्ड तथा कथित फर्जी ट्रस्ट डीड की सत्यता की बारीकी से जांच की जाएगी। अभी तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं की गई है।

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