Edited By Ramanjot, Updated: 01 Sep, 2026 04:57 PM

पुलिस के अनुसार, नाबालिग को बिना उचित पहचान एवं सत्यापन के होटल में प्रवेश दिया गया तथा आवश्यक रजिस्टर में भी प्रविष्टि नहीं की गई। आरोप है कि घटना की जानकारी होने के बावजूद होटल प्रबंधन ने पुलिस या संबंधित सहायता एजेंसी को सूचना नहीं दी।
ऋषिकेश: उत्तराखंड के ऋषिकेश में नाबालिग से दुष्कर्म के गंभीर मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मंगलवार को मुख्य आरोपी समेत होटल मैनेजर और संचालक को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, 16 वर्षीय किशोरी को बहला-फुसलाकर पुराना रेलवे स्टेशन के समीप स्थित होटल गंगा इन ले जाया गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म और मारपीट की गई।
घटना की शिकायत मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून के निर्देश पर गठित पुलिस टीम ने मुख्य आरोपी को 24 घंटे के भीतर हरिद्वार स्थित सिंहद्वार फ्लाईओवर के नीचे से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, पीड़िता के पिता ने कोतवाली ऋषिकेश में तहरीर देकर बताया कि 29 अगस्त को मुजफ्फरनगर निवासी सोफियान उनकी नाबालिग पुत्री को बहला-फुसलाकर होटल ले गया था। वहां उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे उपचार के लिए एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके कब्जे से मोटोरोला कंपनी का मोबाइल फोन बरामद किया। पुलिस का दावा है कि मोबाइल में घटना के दौरान पीड़िता के बनाए गए फोटो और वीडियो भी मिले हैं। जांच और पूछताछ में होटल प्रबंधन की भूमिका भी सामने आई।
पुलिस के अनुसार, नाबालिग को बिना उचित पहचान एवं सत्यापन के होटल में प्रवेश दिया गया तथा आवश्यक रजिस्टर में भी प्रविष्टि नहीं की गई। आरोप है कि घटना की जानकारी होने के बावजूद होटल प्रबंधन ने पुलिस या संबंधित सहायता एजेंसी को सूचना नहीं दी। जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि पीड़िता को होटल से बाहर ले जाने के दौरान होटल के सीसीटीवी कैमरों को बंद किया गया था। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने होटल मैनेजर वैभव गुप्ता और संचालक राहुल अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया। मामले में पॉक्सो एक्ट की अतिरिक्त धाराओं के साथ बीएनएस की धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। पुलिस ने बताया कि प्रकरण में अब तक मुख्य आरोपी सोफियान, होटल मैनेजर वैभव गुप्ता और होटल संचालक राहुल अग्रवाल समेत तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। वहीं, होटल का लाइसेंस निरस्त करने के लिए सराय एक्ट के तहत उप जिलाधिकारी ऋषिकेश को रिपोर्ट भेजी गई है। पुलिस मामले की विस्तृत विवेचना में जुटी है।