उत्तराखंड UCC मामले की सुनवाई टली, अब 12 अक्टूबर की तिथि तय

Edited By Ramanjot, Updated: 07 Sep, 2026 05:26 PM

hearing on uttarakhand ucc matter adjourned new date set for october 12

​​​​​​​याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि यूसीसी भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लंघन है, जो धर्म के पालन के साथ ही स्वतंत्रता की गारंटी देता है। पिछली सुनवाई पर याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि राज्य सरकार की ओर से यूसीसी नियमावली में संशोधन...

नैनीताल: उत्तराखंड में लागू समान नागरिक संहिता (UCC ) मामले में सोमवार को सुनवाई नहीं हो पाई। अब इस प्रकरण पर आगामी 12 अक्टूबर को सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार गुप्ता की अगुवाई वाली खंडपीठ उपलब्ध न होने के चलते इस प्रकरण से जुड़ी 11 याचिकाओं को आज सुनवाई के लिए न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ में सूचीबद्ध किया गया था लेकिन राज्य सरकार की ओर से सोलिसिटर जनरल तुषार मेहता अदालत में पेश नहीं हो पाए। 

राज्य सरकार की ओर से अदालत से समय की मांग की गई। अदालत ने इसे स्वीकार कर लिया और सभी पक्षकारों की सहमति पर अगली सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर की तिथि मुकरर्र की। उल्लेखनीय है कि याचिकाकर्ताओं की ओर से उत्तराखंड में पिछले साल 27 जनवरी को लागू यूसीसी के विभिन्न प्रावधानों को पृथक पृथक याचिकाओं के माध्यम से चुनौती दी गई है। जिनमें लिव इन रिलेशन के अलावा मुस्लिम समाज के विवाह, तलाक, इद्दत (दोबारा निकाह से पहले निर्धारित प्रतीक्षा अवधि) और विरासत से जुड़े मामले शामिल हैं।

याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि यूसीसी भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 का उल्लंघन है, जो धर्म के पालन के साथ ही स्वतंत्रता की गारंटी देता है। पिछली सुनवाई पर याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि राज्य सरकार की ओर से यूसीसी नियमावली में संशोधन की बात कही गई थी। सरकार की ओर से क्या संशोधन किए गए हैं। प्रदेश सरकार को उसके संबंध में स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। इसके बाद खंडपीठ ने राज्य सरकार को इस संबंध में अगली सुनवाई पर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए थे। 

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