Edited By Ramanjot, Updated: 04 Oct, 2026 03:45 PM

धामी ने कहा कि इससे स्थानीय स्तर की समस्याओं, विकास की संभावनाओं और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को सीधे शासन के सामने रखने का अवसर मिलेगा।
बनबसा: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे चंपावत जिले के बनबसा में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट बैठकें अब केवल देहरादून तक सीमित नहीं रहेंगी बल्कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों में भी आयोजित की जाएंगी।
धामी ने कहा कि इससे स्थानीय स्तर की समस्याओं, विकास की संभावनाओं और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को सीधे शासन के सामने रखने का अवसर मिलेगा। अलग-अलग क्षेत्रों में बैठकें होने से स्थानीय परिस्थितियों, जन अपेक्षाओं और विकास की जरूरतों को समझने और उन पर त्वरित निर्णय लेने में भी मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्र केवल राज्य की भौगोलिक सीमा नहीं बल्कि सुरक्षा, संस्कृति और विकास की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि सीमांत क्षेत्रों के लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए आधारभूत सुविधाओं, रोजगार, पर्यटन और कनेक्टिविटी को और मजबूत किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के हर क्षेत्र का संतुलित विकास सरकार की प्रतिबद्धता है और सीमांत गांवों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक विकास की गति को समान रूप से आगे बढ़ाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि चंपावत जिले के बनबसा स्थित एनएचपीसी अतिथि गृह में पहली बार प्रदेश कैबिनेट बैठक हो रही है। इसे प्रदेश के दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक शासन को पहुंचाने की नई पहल बताया जा रहा है।