Edited By Ramanjot, Updated: 14 Sep, 2026 04:22 PM

अधिकारी के अनुसार, धारचूला-गुंजी मार्ग पर कुलागाड़ के पास बेली पुल के दो हफ्तों में दूसरी बार बह जाने के कारण यात्रा के दूसरे चरण को शुरू करने की तारीख आगे बढ़ाई गई है।
पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित आदि कैलाश की यात्रा के 15 सितंबर से शुरू होने वाले दूसरे चरण को प्रतिकूल मौसम और सड़कें बंद होने के कारण फिलहाल 20 सितंबर तक स्थगित कर दिया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
धारचूला के उप जिलाधिकारी (SDM) आशीष जोशी ने बताया कि आदि कैलाश जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए 'इनरलाइन परमिट' जारी करने का काम 20 सितंबर से शुरू होगा लेकिन यह भी संभावित तारीख ही है। उन्होंने कहा कि अगर क्षेत्र में मौसम तथा यात्रा की स्थितियां अनुकूल रहीं तो 20 सितंबर से दूसरे चरण की यात्रा के लिए 'इनरलाइन परमिट' जारी किए जाएंगे। 'इनरलाइन परमिट' एक आधिकारिक यात्रा दस्तावेज है जो भारतीय नागरिकों को विभिन्न राज्यों के कुछ संरक्षित और प्रतिबंधित क्षेत्रों में सीमित अवधि के लिए प्रवेश करने या रहने की अनुमति देता है।
अधिकारी के अनुसार, धारचूला-गुंजी मार्ग पर कुलागाड़ के पास बेली पुल के दो हफ्तों में दूसरी बार बह जाने के कारण यात्रा के दूसरे चरण को शुरू करने की तारीख आगे बढ़ाई गई है। जोशी ने कहा, ''सीमा सड़क संगठन (BRO) ने पुल का पुनर्निर्माण शुरू कर दिया है जबकि सेना ने ऊंची घाटियों की ओर जाने के लिए एक वैकल्पिक रास्ता तैयार कर दिया है। इसलिए मौसम और परिवहन, दोनों स्थितियों से सुरक्षित यात्रा के संकेत मिलने के बाद हम यात्रा शुरू करेंगे।''
मानसून के मद्देनजर रास्तों में संभावित भूस्खलन तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने दो जुलाई से आदि कैलाश यात्रा के लिए 'इनरलाइन परमिट' जारी करने पर रोक लगा दी थी। इस साल एक मई को यात्रा शुरू होने के बाद दो महीने में रिकॉर्ड 52,441 श्रद्धालुओं ने आदि कैलाश और ओम पर्वत के दर्शन किए। पिथौरागढ़ में आदि कैलाश तीर्थयात्रा, तिब्बत में कैलाश मानसरोवर यात्रा के साथ ही 1981 में शुरू हुई थीं लेकिन इसे व्यापक लोकप्रियता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 अक्टूबर 2023 के दौरे के बाद मिली।