इन 5 जिलों में भारी बारिश और ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट, 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

Edited By Ramanjot, Updated: 30 Oct, 2026 10:28 AM

orange alert for heavy rain and hailstorms in five districts of uttarakhand

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने संबंधित जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए।

देहरादून: मौसम विभाग ने शुक्रवार को उत्तराखंड के पांच जिलों नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चमोली में कहीं-कहीं गरज के साथ बिजली चमकने, ओलावृष्टि तथा 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की आशंका के मद्देनजर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल और चंपावतजिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने का अनुमान जताया है। 

मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने संबंधित जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने भी सचिव से बात कर आम जनता की सुरक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने को कहा है। सुमन ने बताया कि मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए सभी जिलों को आपदा प्रबंधन से जुड़ी व्यवस्थाएं पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। 

चारधाम यात्रा मार्गों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष सतकर्ता बरतने को कहा गया है। खराब मौसम या किसी संभावित खतरे की स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोकने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतकर्ता बरतने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा गया है। जिलों में तैनात आपदा प्रबंधन प्रणाली के तहत नामित सभी अधिकारियों और विभागीय नोडल अधिकारियों को अलर्ट रहने तथा किसी भी घटना की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। 

सचिव ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में खराब मौसम के कारण भूस्खलन, मार्ग अवरुद्ध होने और अन्य आपात स्थितियों की आशंका को देखते हुए लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, सीमा सड़क संगठन और अन्य संबंधित कार्यदायी संस्थाएं अपनी मशीनरी तथा आवश्यक संसाधन तैयार रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सके। 

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