Edited By Vandana Khosla, Updated: 26 Feb, 2025 11:08 AM

देहरादूनः उत्तराखंड स्थित गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ चारों धामों की सुरक्षित ग्रीष्मकालीन यात्रा के लिए राज्य सरकार तैयारी करने में लगी है। यात्रा पर आने वाले श्रद्वालुओं के लिए जल्दी ही स्वास्थ्य परामर्श (हेल्थ एडवाइजरी) जारी होगी।...
देहरादूनः उत्तराखंड स्थित गंगोत्री, यमुनोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ चारों धामों की सुरक्षित ग्रीष्मकालीन यात्रा के लिए राज्य सरकार तैयारी करने में लगी है। यात्रा पर आने वाले श्रद्वालुओं के लिए जल्दी ही स्वास्थ्य परामर्श (हेल्थ एडवाइजरी) जारी होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी औऱ स्वास्थ्य मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने यात्रा के सफल आयोजन के लिए अधिकारियों को समय पर पुख्ता इंतजाम करने के दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके बाद सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग डॉ. आर राजेश कुमार ने शासन में अधिकारियों के साथ मंगलवार को बैठक की। जिसमें चारधाम यात्रा के स्वास्थ्य संबंधित इंतजाम पर विस्तार से चर्चा की गई और विभिन्न विभागों को अपनी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए।
"यात्रा मार्ग में कुल 26 एमआरपी और 50 स्क्रीनिंग पॉइंटस की व्यवस्था"
सचिव ने यात्रा मार्ग पर मेडिकल रेस्पॉन्स प्वाइंट्स (एमआरपी) की संख्या बढ़ाने, स्क्रीनिंग पॉइंटस की संख्या में सुधार और श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य रजिस्ट्रेशन के कार्य को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य से संबंधित एडवाइजरी और आवश्यक सुरक्षा उपायों को लागू करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं। सभी संबंधित विभागों को यात्रा की शुरुआत से पहले आवश्यक सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। डॉ. कुमार ने कहा कि यात्रा मार्ग में कुल 26 मेडिकल रेस्पॉन्स प्वाइंट्स (एमआरपी) और 50 स्क्रीनिंग पॉइंटस की व्यवस्था की गई है। इस वर्ष यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए, एमआरपी की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया। साथ ही, स्क्रीनिंग पॉइंटस के विस्तार के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि श्रीनगर मेडिकल कॉलेज को यात्रा के लिए सभी आवश्यक तैयारियों को समय से पूरा करने का निर्देश दिया गया है। चिकित्सा विशेषज्ञों और मेडिकल अफसरों की ड्यूटी रोटेशन के आधार पर निर्धारित की जाएगी।
"यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं का 'स्वास्थ्य धाम पोर्टल' पर रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य"
इसके अलावा, ऊंचाई वाले क्षेत्रों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रशिक्षण दून और श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के मास्टर ट्रेनर्स द्वारा प्रदान किया जाएगा। जिससे एम्स की बजाय स्थानीय ट्रेनिंग का कार्य शुरू किया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि यात्रा में शामिल सभी श्रद्धालुओं को 'स्वास्थ्य धाम पोर्टल' पर रजिस्ट्रेशन करना अनिवार्य होगा। 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य प्रोफाइल अपलोड करने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग ने आरएफआईडी बैंड और जियो ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से उच्च जोखिम वाले श्रद्धालुओं की ट्रैकिंग के लिए प्रस्ताव और कार्यप्रणाली प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
"स्वास्थ्य संबंधी एडवाइजरी की सूचना के लिए लगाए जाएंगे फ्लेक्स और बैनर"
डॉ. कुमार ने कहा कि महानिदेशक को पर्यटन विभाग द्वारा केदारनाथ और बद्रीनाथ के लिए जारी की गई धनराशि की उपयोगिता प्रमाणपत्र (यूसी) शीघ्र उपलब्ध कराने और शेष धनराशि के अवमुक्ति के लिए पत्र लिखने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, केदारनाथ में नवनिर्मित चिकित्सालय में पूर्व में आपूर्ति किए गए उपकरणों और फर्नीचर को तत्काल पहुंचाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग, बस स्टॉप, होटल और अन्य प्रमुख स्थानों पर स्वास्थ्य से संबंधित एडवाइजरी, निकटवर्ती स्वास्थ्य केंद्रों का विवरण और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के संपर्क नंबर की सूचना देने के लिए फ्लेक्स और बैनर लगाए जाएंगे। साथ ही, सभी महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान करते हुए जनपदों के जिलाधिकारियों से समन्वय कर इन व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जाएगा।
"श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए की जाएगी स्वास्थ्य मित्रों की नियुक्ति"
स्वास्थ्य सचिव के अनुसार, यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए स्वास्थ्य मित्रों की नियुक्ति की जाएगी। जो कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा से संबंधित व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए महा निदेशालय में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा। यह कंट्रोल रूम यात्रा से जुड़ी सभी स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी करेगा और संबंधित अधिकारियों को दिशा-निर्देश प्रदान करेगा।