Edited By Ramkesh, Updated: 24 May, 2026 04:48 PM

चंपावत की एक विशेष सत्र अदालत ने फर्जी सामूहिक बलात्कार मामले में चार आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सरकारी वकील विद्याधर जोशी ने बताया कि विशेष सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने शनिवार को कमल रावत, उसकी...
उत्तराखंड: चंपावत की एक विशेष सत्र अदालत ने फर्जी सामूहिक बलात्कार मामले में चार आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। सरकारी वकील विद्याधर जोशी ने बताया कि विशेष सत्र न्यायाधीश अनुज कुमार संगल ने शनिवार को कमल रावत, उसकी महिला मित्र अर्जिता राय, कांग्रेस के प्रदेश सचिव आनंद माहरा और बबलू राम को जमानत देने से इनकार कर दिया।
पीड़िता ने गैंगरेप की दर्ज कराई थी शिकायत
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने यह आदेश दिया। चारों आरोपी फिलहाल पिथौरागढ़ जिला जेल में बंद हैं। पुलिस ने कमल रावत और अर्जिता राय को आठ मई को गिरफ्तार किया था, जबकि आनंद माहरा और बबलू राम को 13 मई को पकड़ा गया था। सोलह वर्षीय लड़की ने पांच मई की रात को सल्ली गांव में तीन हथियारबंद लोगों द्वारा उसके साथ सामूहिक बलात्कार किए जाने की शिकायत दर्ज कराई थी।
जांच में रेप की खबर निकली झूठी
पुलिस ने अगले दिन भाजपा के एक पूर्व नेता समेत तीन नामजद व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। लेकिन, जांच में पता चला कि सामूहिक बलात्कार के आरोप ''पूरी तरह से झूठे और मनगढ़ंत'' थे। पुलिस को पता चला कि गिरोह ने कुछ लोगों को फंसाने के लिए साजिश रची थी। इस खुलासे के बाद, पुलिस ने पांच मुख्य षड्यंत्रकर्ताओं के खिलाफ नया मामला दर्ज किया।
पांचवें आरोपी की तलाश में दबिश दे रही पुलिस
पुलिस ने पहले ही चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में पांचवां आरोपी राहुल रावत अब भी फरार है। अदालत ने 21 मई को उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। कोतवाल बी.एस. बिष्ट ने बताया कि पुलिस की टीम फरार आरोपी राहुल रावत को गिरफ्तार करने के लिए सभी संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं।